लखनऊ नीले ड्रम कांड
लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजधानी में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। आशियाना क्षेत्र के सेक्टर एल, मकान नंबर 91 में रहने वाले शराब कारोबारी और वर्धमान पैथोलॉजी लैब के मालिक मानवेंद्र सिंह (49) की उनके ही 21 वर्षीय बेटे अक्षत प्रताप सिंह (बीकॉम/बीबीए छात्र) ने गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने हत्या के बाद शव को आरी से कई टुकड़ों में काटा, हाथ-पैर अलग-अलग जगह फेंक दिए और धड़ को नीले ड्रम में छिपा दिया। छोटी बहन को जान से मारने की धमकी देकर चार दिन तक घर में बंद रखा। यह मामला 23-24 फरवरी 2026 को सामने आया, जब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
घटना की शुरुआत और वजह
पुलिस जांच के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 20 फरवरी 2026 की सुबह हुई। मानवेंद्र सिंह अपने बेटे अक्षत पर NEET की तैयारी का दबाव बना रहे थे, ताकि वह डॉक्टर बनकर पैथोलॉजी लैब का कारोबार संभाले। लेकिन अक्षत इस दबाव से तंग आ चुका था। वह पढ़ाई के बजाय अपना रेस्टोरेंट या दूसरा बिजनेस शुरू करना चाहता था। इसी बात पर बाप-बेटे में तीखी बहस हुई। बहस के दौरान मानवेंद्र ने लाइसेंसी राइफल निकालकर बेटे को धमकी दी, लेकिन राइफल नीचे रखते ही अक्षत ने उसे छीन लिया और पिता के सिर में गोली मार दी। मौके पर ही मानवेंद्र की मौत हो गई।
हत्या के समय घर में छोटी बहन कृति मौजूद थी। वह घटना सुनकर डर से अपने कमरे में भागी, लेकिन अक्षत ने उसे पकड़ लिया। जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप करा दिया और चार दिन तक घर में बंद रखा। इस दौरान अक्षत ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। उसने शव को तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर पर लाया, आरी से गला और शरीर काटा। सिर को कहीं फेंक दिया (अभी तक नहीं मिला), हाथ-पैर सदरौना जैसे इलाकों में फेंके और धड़ को नीले प्लास्टिक ड्रम में भरकर छिपा दिया। वह धड़ को भी गोमती नदी या कहीं फेंकने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया।
पुलिस जांच और खुलासा
मानवेंद्र सिंह 20 फरवरी से लापता थे। अक्षत ने खुद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन उसके बयानों में विरोधाभास था। पड़ोसियों को शक हुआ, जब घर से अजीब गंध आने लगी और अक्षत का व्यवहार संदिग्ध लगा। पुलिस ने 23 फरवरी को घर की तलाशी ली, तो ग्राउंड फ्लोर के कमरे में नीला ड्रम मिला। ड्रम खोलने पर धड़ बरामद हुआ, जिस पर गंभीर चोट के निशान थे।
फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पूछताछ में अक्षत ने जुर्म कबूल लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला मेरठ के श्रद्धा जैसी घटनाओं से मिलता-जुलता है,
जहां शव को टुकड़ों में काटकर छिपाया गया।
पड़ोसियों ने बताया कि अक्षत जिद्दी और बिगड़ैल था,
लेकिन कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि वह इतना क्रूर कदम उठाएगा।
सामाजिक प्रभाव और जांच जारी
यह घटना पढ़ाई के दबाव, पारिवारिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर सवाल खड़े करती है।
पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है, जिसमें हथियार, फेंके गए टुकड़े और बहन के बयान शामिल हैं।
आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।
यह नीले ड्रम कांड UP क्राइम की सबसे सनसनीखेज घटनाओं में से एक बन गया है
, जो रिश्तों की क्रूरता को उजागर करता है।