IMD का रेड अलर्ट, उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और बर्फबारी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 29 जनवरी 2026 को ताजा बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 72 घंटों के लिए भारी बर्फबारी, तेज बारिश और शीतलहर की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी होगी, जबकि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में रुक-रुककर बारिश और ठंडी हवाओं का सिलसिला चलेगा। न्यूनतम तापमान सामान्य से 4-6 डिग्री नीचे गिरने से जनजीवन प्रभावित होगा।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का खतरा
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा जैसे जिलों में 70-120 मिमी तक भारी हिमपात दर्ज हो सकता है। उत्तराखंड के नैनीताल, पिथौरागढ़ और गढ़वाल-कुमाऊं क्षेत्रों में बर्फीली हवाएं 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी। जम्मू-कश्मीर की कश्मीर घाटी और पहाड़ी जिलों में वज्रपात के साथ बर्फबारी की संभावना है। IMD ने लैंडस्लाइड, सड़क बंद होने, बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित होने का अलर्ट जारी किया है। यात्रियों को अनावश्यक सफर टालने, गर्म कपड़े पहनने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को फसलों को ढकने, पशुओं को ठंड से बचाने और सिंचाई रोकने का निर्देश है। पिछले दिनों की ठंड अब और तेज होगी, जिससे स्कूल-कॉलेज बंद और दृश्यता कम हो सकती है।
मैदानी इलाकों में बारिश और शीतलहर का दौर
मैदानी राज्यों में स्थिति अलग नहीं है। उत्तर प्रदेश (लखनऊ सहित पूर्वांचल), पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जो ठंड को और बढ़ाएगी। दिल्ली-एनसीआर में कोहरा छंटने के बाद बारिश से तापमान 8-10 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी है। इससे रबी फसलों पर असर पड़ेगा, खासकर गेहूं, सरसों और दालों पर। IMD ने ग्रामीणों को गर्माहट के स्रोत जुटाने, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी है। यातायात प्रभावित होने से रेल, सड़क और हवाई सेवाएं विलंबित हो सकती हैं। लेटेस्ट अपडेट्स चेक करते रहें।
अगले 72 घंटों का घंटेवार पूर्वानुमान
- पहले 24 घंटे (29-30 जनवरी): पहाड़ों पर बर्फबारी चरम पर, मैदानों में हल्की बूंदाबांदी।
- 24-48 घंटे (30-31 जनवरी): शीतलहर पूरे उत्तर भारत में फैलेगी, तापमान 3-5 डिग्री तक और नीचे।
- अंतिम 24 घंटे (31 जनवरी-1 फरवरी): मौसम स्थिर होगा, लेकिन कड़ाके की ठंड बनी रहेगी।
यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के निचले-ऊपरी ट्रफ के कारण है, जो पाकिस्तान से सटा हुआ है। प्रभावित राज्यों में प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है।
बचाव के उपाय और सलाह
- यात्रा टालें, अगर जरूरी हो तो चेन लगाकर वाहन चलाएं।
- घर में गर्म कपड़े, हीटर और ब्लैंकेट रखें।
- किसान फसलों को प्लास्टिक शीट से ढकें।
- बच्चों-बुजुर्गों को ठंड से बचाएं, गरम पेय लें।
- IMD ऐप या वेबसाइट पर रीयल-टाइम अपडेट देखें।
ठंड और बारिश से सतर्क रहें
IMD का यह अलर्ट उत्तर भारत के निवासियों के लिए महत्वपूर्ण है। अगले 72 घंटे कड़ाके की ठंड, बर्फबारी और
बारिश से भरे रहेंगे। सुरक्षित रहें, अनावश्यक जोखिम न लें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।