कुआनो नदी में जलकुंभी की भरमार, दम तोड़ रही नदी, प्रशासन बेखबर

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर। जनपद के सिकरीगंज से लेकर बनकटी तक दर्जनों गांवों के लोगों के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली कुआनो नदी इन दिनों जलकुंभी की गंभीर समस्या से जूझ रही है। नदी के कई हिस्सों में जलकुंभी इतनी अधिक फैल गई है कि पानी दिखाई देना तक मुश्किल हो गया है। हरी जलकुंभी की मोटी चादर ने नदी के बड़े हिस्से को अपने आगोश में ले लिया है।

इससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप के साथ ही मछुआरों और नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं।

बरसात के बाद और गंभीर हुई स्थिति

बरसात के बाद बेलघाट क्षेत्र से होकर गुजरने वाली कुआनो नदी की स्थिति और अधिक चिंताजनक नजर आ रही है। जगह-जगह जलकुंभी के बड़े-बड़े समूह नदी की सतह पर जमा हैं।

कई स्थानों पर जलकुंभी इतनी घनी है कि नदी का पानी नजर नहीं आता। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलकुंभी की सफाई नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।

जलकुंभी से प्रभावित हो रहा नदी का प्रवाह

कुआनो नदी में लगातार बढ़ रही जलकुंभी के कारण कई स्थानों पर पानी का सामान्य प्रवाह प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। नदी की सतह का बड़ा हिस्सा जलकुंभी से ढक जाने के कारण पानी के बहाव में बाधा उत्पन्न हो रही है।

लंबे समय तक एक ही स्थान पर जलकुंभी जमा रहने से पानी की गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीणों में चिंता बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी उनके लिए केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि वर्षों से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।

मछुआरों के सामने खड़ी हुई बड़ी परेशानी

जलकुंभी की भरमार से नदी में मछली पकड़ने वाले मछुआरों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। घनी जलकुंभी के बीच नाव चलाना आसान नहीं रह गया है। कई जगह नाव आगे बढ़ाने के लिए मछुआरों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है।

वहीं जाल डालने और उसे वापस निकालने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय मछुआरों के अनुसार यदि नदी में जलकुंभी का विस्तार इसी तरह जारी रहा तो इसका सीधा असर उनकी रोजमर्रा की आजीविका पर पड़ सकता है।

जलीय जीवन को लेकर भी चिंता

नदी में जलकुंभी के बढ़ते विस्तार को लेकर जलीय जीवन पर संभावित प्रभाव की चिंता भी जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जलकुंभी की अत्यधिक मात्रा से पानी के प्राकृतिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।

नदी की सतह पर वनस्पति की अत्यधिक परत बनने से जलधारा का स्वरूप भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि समय रहते इसकी स्थिति का विशेषज्ञों और संबंधित विभागों द्वारा आकलन किया जाए।

पानी की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीण चिंतित

नदी की सतह पर लंबे समय से जमा जलकुंभी को लेकर आसपास रहने वाले लोगों में पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता है। ग्रामीणों का कहना है कि जलकुंभी के

सड़ने से दुर्गंध पैदा हो सकती है और नदी के आसपास गंदगी की समस्या बढ़ सकती है।

इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी स्थानीय लोगों ने जताई है।

ग्रामीणों के मुताबिक नदी की नियमित सफाई नहीं होने से जलकुंभी धीरे-धीरे अपना क्षेत्र बढ़ा रही है।

शिकायतों के बाद भी सफाई का इंतजार

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि कुआनो नदी में जलकुंभी की समस्या को लेकर

कई बार संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई है।

इसके बावजूद अभी तक बड़े स्तर पर सफाई अभियान शुरू नहीं हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग को नदी की स्थिति का मौके पर

निरीक्षण कराकर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

एक बार की सफाई से नहीं होगा स्थायी समाधान

लोगों का कहना है कि नदी की सफाई केवल एक बार कराने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।

जलकुंभी की नियमित निगरानी और समय-समय पर सफाई की व्यवस्था जरूरी है।

इससे नदी के जल प्रवाह को बनाए रखने के साथ ही आसपास के लोगों को भी राहत मिल सकती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार नियमित निगरानी के अभाव में जलकुंभी दोबारा तेजी से फैल सकती है।

जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से कुआनो नदी की स्थिति का संज्ञान लेकर

जल्द से जल्द जलकुंभी हटवाने की मांग की है। लोगों की मांग है कि

संबंधित विभागों को निर्देश देकर नदी में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए और

जलकुंभी को हटाकर नदी के प्रवाह को सामान्य किया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि कुआनो नदी लंबे समय से आसपास के दर्जनों गांवों के लिए

महत्वपूर्ण रही है। इसलिए इसकी उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। समय रहते

सफाई अभियान शुरू होने से नदी को जलकुंभी के बढ़ते प्रकोप से बचाया जा सकता है।

नियमित सफाई और निगरानी की जरूरत

स्थानीय लोगों के मुताबिक कुआनो नदी को जलकुंभी से मुक्त कराने के साथ ही भविष्य के लिए भी

ठोस व्यवस्था बनाने की जरूरत है। नदी की नियमित निगरानी, जलकुंभी की समय-समय पर सफाई और

जल गुणवत्ता की जांच से स्थिति को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई करेगा और

कुआनो नदी को जलकुंभी से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

लोगों का कहना है कि नदी की स्वच्छता और जल प्रवाह बनाए रखना जरूरी है,

ताकि कुआनो नदी भविष्य में भी क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनदायिनी बनी रहे।

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