कोरियन लव ड्रामा ने बदल दी छात्रा की जिंदगी
गोरखपुर शहर के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा की जिंदगी कोरियन लव ड्रामा की लत ने पूरी तरह बदल दी है। पहले तो उसकी बोलचाल बदल गई, फिर मेकअप और कपड़ों का स्टाइल कोरियन हीरोइनों जैसा हो गया। नतीजा? पढ़ाई चौपट, रिजल्ट खराब और अब ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया में डूबकर परिवार की चिंता बढ़ा दी। यह मामला गोरखपुर के बीचों-बीच बने हॉस्टल से जुड़ा है, जहां छात्रा दिन-रात ड्रामा देखने लगी। कोरियन लव ड्रामा जैसे ‘क्रैश लैंडिंग ऑन यू’ और ‘इट्स ओके टू नॉट बी ओके’ ने उसे हकीकत से दूर कर दिया। वह खुद को ड्रामा की हीरोइन समझने लगी और असल जिंदगी में भी वैसा ही व्यवहार करने लगी।
छात्रा की बोलचाल और स्टाइल में आया कोरियन टच
यह छात्रा, जिसका नाम गोपनीय रखा गया है, मूल रूप से गोरखपुर के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती है। कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए आई थी, लेकिन नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर कोरियन ड्रामा की दुनिया में खो गई। पहले उसके दोस्तों ने नोटिस किया कि उसकी बोलचाल बदल गई। हिंदी-उर्दू मिश्रित गोरखपुरी लहजा गायब, अब कोरियन शब्दों जैसे ‘ओपा’, ‘उननी’ और ‘अर्गी’ का इस्तेमाल होने लगा। दोस्त बताते हैं, “वह क्लास में प्रोफेसर से बात करते हुए भी ड्रामा स्टाइल में ‘सॉरी ओपा’ कहने लगी।”
धीरे-धीरे मेकअप का शौक चढ़ा। भारी आइलाइनर, ग्लैमरस लिपस्टिक और कोरियन स्किनकेयर रूटीन अपनाया। कपड़े भी बदल गए – जींस-टीशर्ट की जगह के-पॉप स्टाइल के क्रॉप टॉप, मिनी स्कर्ट और हाई हील्स। गोरखपुर की गलियों में घूमते हुए वह कोरियन गर्ल जैसी लगने लगी, जिससे स्थानीय लोग हैरान।
पढ़ाई पर पड़ा बुरा असर, रिजल्ट आया चौंकाने वाला
सबसे बड़ा नुकसान पढ़ाई को हुआ। पहले सेमेस्टर में टॉप करने वाली यह छात्रा अब सेमेस्टर एग्जाम में फेल हो गई। रिजल्ट में हर सब्जेक्ट में कम स्कोर। प्रोफेसर बताते हैं, “क्लास में अटेंडेंस 30% से कम, असाइनमेंट्स कोरियन ड्रामा स्क्रीनशॉट्स से भरे मिले।” वह रातभर ड्रामा देखती, सुबह थकान से क्लास स्किप। नोट्स बनाने की बजाय ड्रामा के डायलॉग्स याद करने लगी। इंजीनियरिंग के कॉम्प्लिकेटेड टॉपिक्स जैसे सर्किट डिजाइन और प्रोग्रामिंग भूल गईं। परिवार ने समझाया, लेकिन व्यस्तता का बहाना बनाकर टालती रही। अब कॉलेज प्रशासन ने काउंसलिंग का सुझाव दिया है। गोरखपुर के ऐसे कई केस सामने आ रहे हैं जहां सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स युवाओं की पढ़ाई बर्बाद कर रहे हैं।
ऑनलाइन गेमिंग ने बढ़ाई मुसीबत, हॉस्टल में हंगामा
ड्रामा की लत से उबरने के चक्कर में छात्रा ऑनलाइन गेमिंग की गिरफ्त में आ गई।
पब्जी, फ्री फायर और कोरियन स्टाइल गेम्स जैसे मोबाइल लेजेंड्स में घंटों बिताने लगी।
हॉस्टल रूम में रात-रात भर गेमिंग सेशन, जिससे पड़ोसी शिकायत करने लगे।
एक रात तो गेम हारने पर इतना गुस्सा आया कि मोबाइल दीवार से फेंक दिया।
परिवार को खर्चा बढ़ा – रिचार्ज के लिए हजारों रुपये मांगने लगी।
गोरखपुर शहर में ऑनलाइन गेमिंग की लत तेजी से फैल रही है, खासकर स्टूडेंट्स में। विशेषज्ञ कहते हैं, “
ड्रामा से गेमिंग की ओर शिफ्ट होना आम है, दोनों ही डोपामाइन रिलीज करते हैं।”
पुलिस ने भी चेतावनी दी है कि साइबर कैफे में गेमिंग पर नजर रखी जाएगी।
परिवार और समाज की प्रतिक्रिया, क्या है समाधान?
परिवार अब परेशान है। पिता, जो गोरखपुर में छोटा व्यापारी हैं, कहते हैं, “बेटी का भविष्य दांव पर है
कोरियन ड्रामा ने हकीकत भुला दिया।” दोस्तों ने इंटरवेंशन किया,
मोबाइल छीन लिया लेकिन वह चुपके से देखती रही। गोरखपुर के सोशल मीडिया ग्रुप्स में
यह मामला वायरल हो गया, जहां लोग मीम्स बना रहे हैं। मनोवैज्ञानिक डॉ. राजेश तिवारी बताते हैं, “
ऐसी लत डिप्रेशन का कारण बनती है। समय प्रबंधन और काउंसलर की जरूरत है।”
कॉलेज ने वर्कशॉप आयोजित करने का प्लान बनाया। गोरखपुर जैसे शहरों में कोरियन
वेव तेज हो रही है, लेकिन जागरूकता जरूरी। अभिभावक बच्चों के स्क्रीन टाइम पर नजर रखें।
