8वीं वेतन आयोग: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की तैयारी, जानें क्या होंगे बदलाव और कितना होगा फायदा”परिचयसरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वेतन आयोग हमेशा से एक अहम विषय रहा है।
भारत में समय-समय पर वेतन आयोग गठित किए जाते हैं, जो केंद्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों की समीक्षा करते हैं और महंगाई दर, आर्थिक स्थिति तथा सरकारी खर्चों को देखकर नई वेतन संरचना की सिफारिश करते हैं। 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था
और अब 8वां वेतन आयोग चर्चा में है, जिसे 2026 से लागू किए जाने की संभावना है। इसमें कर्मचारियों की सैलरी में 25% से 35% तक की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।8वें वेतन आयोग का इतिहास और पृष्ठभूमिभारत में पहला वेतन आयोग 1946 में स्वतंत्रता से पहले गठित हुआ था। तब से अब तक कुल सात वेतन आयोग लागू हो चुके हैं,
और हर आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में बड़ा बदलाव आया है।1वां वेतन आयोग (1946) – ब्रिटिश काल के अंतिम समय में केंद्र और रेलवे कर्मचारियों के वेतन तय करने के लिए।2रा वेतन आयोग (1959) – स्वतंत्रता के बाद पहली बार वेतन पुनर्गठन का प्रयास।3रा वेतन आयोग (1973) – महंगाई भत्ता
(DA) की अवधारणा को मजबूती दी।4था वेतन आयोग (1986) – बेसिक वेतन में ऐतिहासिक वृद्धि।5वां वेतन आयोग (1996) – सैलरी और पेंशन में लगभग दोगुनी वृद्धि।6ठा वेतन आयोग (2006) – Pay Band सिस्टम लागू किया।7वां वेतन आयोग (2016) – न्यूनतम वेतन ₹18,000 तय किया।अब 8वां वेतन आयोग कर्मचारियों की वर्तमान सैलरी और महंगाई के अंतर को कम करने के लिए प्रस्तावित है
।8वें वेतन आयोग की संभावित सिफारिशेंन्यूनतम वेतन बढ़ोतरी – चर्चा है कि न्यूनतम बेसिक पे ₹26,000 से ₹27,000 तक किया जाएगा।फिटमेंट फैक्टर – 2.57 के बजाय 3.00 या 3.2 तक बढ़ाने का प्रस्ताव।पेंशन संशोधन – पेंशनभोगियों को भी नए स्केल के फायदे।महंगाई भत्ता समझौता – DA को हर छमाही के बजाय त्रैमासिक रिवीजन करने की सिफारिश।ग्रेड पे सिस्टम में सुधार
– उच्चतर ग्रेड पे में कर्मचारियों के प्रमोशन के अवसर।सैलरी हाइक के उदाहरण (अनुमानित)मान लीजिए किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹18,000 है।वर्तमान (7वें वेतन आयोग) के अनुसार कुल वेतन = ₹18,000 × 2.57 = ₹46,260 (भत्ते जोड़कर)8वें वेतन आयोग के अनुसार
(फिटमेंट फैक्टर 3.0) = ₹18,000 × 3 = ₹54,000 (भत्ते जोड़कर करीब ₹65,000)इससे निचले ग्रेड के कर्मचारियों को लगभग 30% तक सीधी बढ़ोतरी मिलेगी।सरकारी कर्मचारियों पर असरसैलरी में बढ़ोतरी से कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी।ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सरकारी नौकरी की आकर्षण और बढ़ेगा।पेंशनभोगियों को भी सीधे बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा
सरकारी खर्च और अर्थव्यवस्था पर असरवेतन आयोग लागू होने से सरकारी खजाने पर कई लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।लेकिन इससे बाजार में मांग भी बढ़ेगी, जो अर्थव्यवस्था को गति देगी।महंगाई दर पर हल्का असर संभव, लेकिन यह नियंत्रित सीमा में रह सकता है।
पेंशन लाभ8वें वेतन आयोग के लागू होने के साथ पेंशन भी नए वेतनमान के आधार पर तय होगी। इससे पेंशनभोगियों की आय में 20% से 30% तक की बढ़ोतरी संभव है।विवाद और चुनौतियांवित्त मंत्रालय की चिंता है कि इतना भारी खर्च बजट पर दबाव डालेगा।निजी सेक्टर में भी वेतन बढ़ोतरी का दबाव होगा।महंगाई नियंत्रण की चुनौती रहेगी।