पटना, 26 नवंबर 2025: पटना के मशहूर शिक्षक खान सर (खान जीएस रिसर्च सेंटर) फिर से सुर्खियों में हैं। उनके एक वायरल वीडियो क्लिप ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। वीडियो में खान सर ने भारत और अमेरिका में अमीर बनने के तरीकों पर तुलना की है, जो लाखों लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है। जगरण की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो यूट्यूब, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर 24 घंटों में 10 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है।
खान सर ने सवाल उठाया कि भारत के अरबपति (बिलियनेयर्स) आखिर कैसे इतने अमीर बनते हैं, जबकि अमेरिका में सफलता का रास्ता बिल्कुल अलग है।
आइए, जानते हैं इस वायरल क्लिप की पूरी कहानी।
भारत में अमीर बनने का ‘ठेकेदारी मॉडल’: खान सर के 5 कारण
खान सर ने अपने वीडियो में सीधे-सीधे कहा, “भारत का कोई भी बिलियनेयर पांच खास कारणों से अमीर बना है।” उन्होंने भारतीय उद्योगपतियों की सफलता को ‘ठेकेदारी मॉडल’ करार दिया, जो सरकारी सुविधाओं और विदेशी निर्भरता पर टिका है। उनके अनुसार:
- बैंक से भारी लोन: बड़े उद्योगपति बैंकों से सस्ते लोन लेकर कारोबार बढ़ाते हैं, जो कभी-कभी डिफॉल्ट हो जाते हैं।
- केंद्र सरकार से नीतियां: हित में नीतियां बनवाना, जैसे सब्सिडी या टैक्स छूट।
- राज्य सरकारों से सस्ती जमीन: मुफ्त या न्यूनतम कीमत पर जमीन हासिल करना, जैसे स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) में।
- विदेशी टेक्नोलॉजी आयात: खुद कुछ नया न बनाकर विदेशी मशीनरी और तकनीक पर निर्भर रहना।
- सरकारी ठेके: बड़े-बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स और ठेकेदारी से कमाई।
खान सर ने जोर देकर कहा, “भारतीय उद्योग जगत रिसर्च और इनोवेशन में जीरो है। हम पुरानी विदेशी तकनीक पर चलते हैं। फिर भी, दुनिया में सबसे तेजी से हमारे यहां अरबपतियों की संख्या बढ़ रही है।” उन्होंने उदाहरण दिया कि कई कंपनियां सरकारी अनुदान और ठेकों से ही अरबों की कमाई करती हैं। यह मॉडल कड़ी मेहनत और शिक्षा पर कम, बल्कि नेटवर्किंग और नीतिगत लाभ पर ज्यादा निर्भर है।
अमेरिका में अमीर बनना: इनोवेशन और टैलेंट की जीत
खान सर ने अमेरिकी मॉडल की तारीफ करते हुए कहा, “वहां के बिलियनेयर्स ने दुनिया को कुछ नया दिया है।” उन्होंने प्रमुख नाम गिनाए:
- जेफ बेजोस (अमेजन): ई-कॉमर्स की क्रांति लाकर रिटेल को बदल दिया।
- बिल गेट्स (माइक्रोसॉफ्ट): पर्सनल कंप्यूटिंग को आम आदमी तक पहुंचाया।
- एलन मस्क (टेस्ला, स्पेसएक्स): इलेक्ट्रिक कार और स्पेस ट्रैवल में इनोवेशन।
- मार्क जुकरबर्ग (फेसबुक): सोशल नेटवर्किंग को वैश्विक बना दिया।
- स्टीव जॉब्स (एप्पल): स्मार्टफोन और पर्सनल टेक्नोलॉजी का जन्मदाता।
उनके मुताबिक, अमेरिका में सफलता टैलेंट, आविष्कार और नए विचारों से आती है। वहां शिक्षा सस्ती और संसाधन उपलब्ध हैं, इसलिए कोई भी जीरो से शुरू करके ग्लोबल ब्रांड बना सकता है।
खान सर ने तुलना की, “हमारे यहां अमीर बनना सिस्टम का फायदा उठाने से होता है, वहां मेहनत और क्रिएटिविटी से।”
वीडियो क्यों वायरल? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
25 नवंबर 2025 को अपलोड हुए इस वीडियो ने रातोंरात वायरल हो गया। कारण? खान सर की सरल भाषा
और कड़वे सच ने युवाओं को छू लिया। यूट्यूब पर 5 लाख व्यूज, इंस्टाग्राम रील्स पर 3 लाख लाइक्स
और एक्स पर #KhanSirViral ट्रेंड कर रहा है। एक यूजर ने लिखा,
“खान सर ने जो कहा, वो कड़वा लेकिन सच्चा है।
” बहस दो धड़ों में बंटी हुई है:
- सहमत पक्ष: इसे “भारतीय अर्थव्यवस्था का आईना” बता रहे हैं। कई युवा उद्यमी कह रहे हैं
- कि इनोवेशन की कमी ही स्टार्टअप्स की असफलता का कारण है।
- विरोधी पक्ष: कह रहे हैं कि विश्लेषण आधा-अधूरा है। भारत में भी फ्लिपकार्ट (सचिन बंसल), पेटीएम (विजय शेखर शर्मा) जैसे उद्यमी जीरो से उठे हैं। वे जोड़ते हैं
- कि सरकारी मदद हर देश में होती है।
यह वीडियो न केवल मनोरंजन दे रहा है, बल्कि आर्थिक असमानता, इनोवेशन गैप और शिक्षा पर गंभीर चर्चा छेड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खान सर जैसे शिक्षक सोशल मीडिया के जरिए जागरूकता फैला रहे हैं।