कानपुर मोनी वर्मा हत्याकांड QR कोड से खुलासा पति और दोस्त गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के कानपुर से सामने आए सनसनीखेज मोनी वर्मा हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। प्रयागराज-कानपुर हाईवे किनारे बक्से में मिले शव की पहचान अमेठी निवासी 30 वर्षीय मोनी वर्मा के रूप में हुई थी।

शराब के QR कोड से मिला अहम सुराग

इस मामले में पुलिस को सबसे अहम सुराग शराब की बोतल पर लगे QR कोड से मिला। इसके साथ ही सर्विलांस और तकनीकी जांच के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

पति और दोस्त निकले हत्यारे, पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति हर्ष खियानी उर्फ बिट्टू और उसके दोस्त यश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में दोनों ने हत्या की वारदात कबूल कर ली।

पुलिस के अनुसार, आरोपी हर्ष पेशे से कैब चालक है और उसने अपने दोस्त की मदद से इस घटना को अंजाम दिया।

गला घोंटकर हत्या, बक्से में भरकर फेंका शव

जांच में सामने आया कि हर्ष ने मोनी की गला घोंटकर हत्या की और फिर शव को बक्से में भरकर

हाईवे किनारे फेंक दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।

घर ले जाने की जिद बनी हत्या की वजह

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मोनी उसकी दूसरी पत्नी थी,

जिससे उसने तीन साल पहले गुपचुप शादी की थी।

वह उसे किराये के कमरे में रखता था, जबकि खुद पहली पत्नी के साथ अलग रहता था।

हाल के दिनों में मोनी उस पर अपने घर ले जाने का दबाव बना रही थी,

जिससे परेशान होकर आरोपी ने हत्या की साजिश रची।

सर्विलांस और टीमवर्क से खुला मामला

मामले के खुलासे के लिए पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीमों को लगाया गया था।

मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को कार समेत पकड़ा गया।

मोबाइल और दस्तावेज बरामद, जांच पूरी

आरोपियों की निशानदेही पर मृतका का हैंडबैग बरामद किया गया, जिसमें मोबाइल फोन,

आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज मिले हैं।

तकनीक से सुलझी हत्या की गुत्थी

यह मामला दिखाता है कि आधुनिक तकनीक और सतर्क पुलिसिंग के जरिए जटिल अपराधों का भी

खुलासा किया जा सकता है। QR कोड और सर्विलांस जैसे डिजिटल सबूत इस केस में अहम साबित हुए।