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मुंबई: अगर अपनी रिलीज़ के 50 साल पूरे कर रही फिल्म ‘शोले’ का अनुभव बड़े पर्दे पर फिर से करने का मौका मिले तो यह हर सिने प्रेमी के लिए खास होगा। इसी अनुभव को दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक फिल्म महोत्सवों में से एक, टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में दर्शकों को मिलेगा।
शोले को 3 अपग्रेड प्रिंट 4K के साथ 16 सितंबर को प्रदर्शित किया जाएगा। इस शोले की स्क्रीनिंग TIFF बेल लाइटबॉक्स में होगी, जिसमें 4000 से अधिक सीटों की क्षमता है।
यह महोत्सव 5 से 15 सितंबर तक चलेगा और इसमें 180 देशों से फिल्म प्रेमी शामिल होंगे। शोले के अलावा भारतीय सिनेमा की कई और फिल्में भी यहां दिखाई जाएंगी।
निर्देशक रमेश सिप्पी और अभिनेता धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, जया भादुरी, अमिताभ बच्चन, संजीव कुमार और अमजद खान की इस फिल्म ने 15 अगस्त 1975 को रिलीज़ होकर भारतीय सिनेमा में नया इतिहास रचा था।
फेस्टिवल के आयोजकों का कहना है कि शोले को इस महोत्सव में शामिल करने का उद्देश्य भारतीय सिनेमा की उत्कृष्टता और इसके वैश्विक प्रभाव को दिखाना है। TIFF के सीईओ ने कहा कि यह फिल्म आज भी दुनिया भर में दर्शकों को आकर्षित करती है और इसकी लोकप्रियता समय के साथ और बढ़ी है।
‘शोले’ के संवाद जैसे “अरे ओ सांभा, कितने आदमी थे?” और “तेरा क्या होगा कालिया?” अब भी लोगों की ज़ुबान पर हैं। इस फिल्म को फिर से बड़े पर्दे पर देखने का अनुभव दर्शकों के लिए अविस्मरणीय होगा।