झांसी में सीजीएसटी विभाग में बड़ा रिश्वत कांड सामने आया है। डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी समेत 5 अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन्होंने 1.5 करोड़ रुपये रिश्वत की डिमांड की थी। यह कार्रवाई सीबीआई की छापेमारी में हुई। मामला 31 दिसंबर 2025 का है और विभाग में हड़कंप मच गया है।
सीबीआई ने शिकायत पर छापेमारी की और कई जगहों से दस्तावेज जब्त किए। प्रभा भंडारी पर मुख्य आरोप है कि उन्होंने व्यापारी से टैक्स मामले में राहत के लिए रिश्वत मांगी। अन्य गिरफ्तार अधिकारियों ने भी सहयोग किया। रिश्वत की रकम 1.5 करोड़ बताई जा रही है। सीबीआई ने कहा कि जांच में और खुलासे हो सकते हैं।
प्रभा भंडारी झांसी सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर थीं और लंबे समय से पद पर थीं। गिरफ्तारी से विभाग की छवि पर असर पड़ा है। सीबीआई ने उनके घर और ऑफिस पर छापा मारा। कैश, दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं। अन्य 4 आरोपी जूनियर स्तर के हैं।
व्यापारी ने शिकायत की थी कि टैक्स जांच में राहत के लिए रिश्वत मांगी गई। सीबीआई ने ट्रैप लगाया और पुष्टि हुई। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। रिमांड मिली है और पूछताछ जारी है।
यह मामला टैक्स विभाग में भ्रष्टाचार पर सवाल उठा रहा है। व्यापारी समुदाय में राहत है कि कार्रवाई हुई। सीबीआई ने कहा कि ऐसे मामलों पर सख्ती जारी रहेगी।
प्रशासन ने विभाग में जांच के आदेश दिए हैं। यह कांड नए साल से पहले बड़ा झटका है। जांच में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
गिरफ्तारी डिटेल्स: 5 आरोपी
गिरफ्तार:
- प्रभा भंडारी डिप्टी कमिश्नर।
- 4 जूनियर अधिकारी।
- 1.5 करोड़ डिमांड।
- छापेमारी।
- दस्तावेज जब्त।
- ट्रैप।
- रिमांड।
कार्रवाई बड़ी।
कारण: रिश्वत डिमांड
आरोप:
- टैक्स राहत।
- रिश्वत मांग।
- व्यापारी शिकायत।
- ट्रैप सफल।
- भ्रष्टाचार।
- जांच।
- सबूत।
कारण स्पष्ट।
व्यापारी राहत: शिकायत सफल
व्यापारी ने:
- शिकायत।
- राहत।
- न्याय।
- समर्थन।
- साहस।
- अन्य प्रेरणा।
- सुरक्षा।
शिकायत फलदायी।
जांच: और खुलासे
सीबीआई ने:
- पूछताछ।
- सबूत।
- और गिरफ्तारी संभव।
- रिपोर्ट।
- सख्ती।
- अपडेट।
- कार्रवाई।
