यमुना एक्सप्रेसवे पर जापान सिटी
यमुना एक्सप्रेसवे पर नई पहचान: जापान और सिंगापुर सिटी का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक बड़ा कदम उठाया है। यीडा ने शासन को सेक्टर-5ए में जापान सिटी और सेक्टर-7 में सिंगापुर सिटी विकसित करने का प्रस्ताव भेज दिया है। ये दोनों सिटी मल्टीपर्पज औद्योगिक क्षेत्र के रूप में तैयार की जाएंगी, जहां जापानी और सिंगापुरी कंपनियों के साथ-साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय और घरेलू निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। यीडा के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि दोनों सिटी के लिए कुल 1000 एकड़ भूमि (प्रत्येक में 500 एकड़) चिन्हित कर ली गई है और भूमि अधिग्रहण की पूरी योजना तैयार है।
प्रस्तावित सिटी का विवरण: सेक्टर-5ए और सेक्टर-7 में विकास
यीडा ने जापान सिटी के लिए सेक्टर-5ए और सिंगापुर सिटी के लिए सेक्टर-7 को चुना है। ये दोनों सेक्टर यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित हैं, जो दिल्ली-एनसीआर से ग्रेटर नोएडा और आगरा की ओर जाने वाले प्रमुख कॉरिडोर पर हैं। इन सिटी में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, प्लग एंड प्ले फैक्ट्री स्पेस, लॉजिस्टिक्स हब, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, रिसर्च पार्क और आवासीय क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। मुख्य फोकस इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल्स और आईटी-आईटीईएस सेक्टर पर रहेगा। जापान सिटी में जापानी कंपनियों के लिए विशेष सुविधाएं और सिंगापुर सिटी में सिंगापुरी निवेशकों के लिए टैक्स छूट और आसान नियम होंगे।
भूमि अधिग्रहण की तैयारी: 500-500 एकड़ पर काम शुरू
सीईओ आरके सिंह ने बताया कि दोनों सिटी के लिए कुल 1000 एकड़ भूमि की पहचान हो चुकी है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी। यीडा ने शासन से आवश्यक मंजूरी मांगी है ताकि जल्द से जल्द अधिग्रहण और विकास कार्य शुरू हो सकें। प्रस्ताव में पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन (EIA), मास्टर प्लान और निवेशकों के लिए पैकेज भी शामिल हैं। यह कदम यूपी को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
यूपी में निवेश का नया दौर: जापान और सिंगापुर का फोकस
योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में जापान और सिंगापुर से कई MoU साइन किए हैं। जापान सिटी और सिंगापुर सिटी इन MoU को जमीन पर उतारने का बड़ा कदम है। इन सिटी से हजारों करोड़ का निवेश और लाखों रोजगार सृजन की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि यमुना एक्सप्रेसवे पहले से ही जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जोन के कारण
हॉट डेस्टिनेशन है। इन नई सिटी से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
विकास का रोडमैप: क्या-क्या होगा इन सिटी में?
- प्लग एंड प्ले फैक्ट्री और इंडस्ट्रियल प्लॉट्स
- लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब
- स्किल सेंटर और आईटीआई
- हाई-टेक आवासीय और कमर्शियल जोन
- ग्रीन एनर्जी और वाटर रिसाइक्लिंग सिस्टम
- विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) जैसी सुविधाएं ये सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को
- आकर्षित करेंगी और यूपी को ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनाएंगी।
यूपी का ग्लोबल हब बनने का सफर
यमुना एक्सप्रेसवे पर जापान और सिंगापुर सिटी का प्रस्ताव यूपी के औद्योगिक
विकास में नया अध्याय जोड़ेगा। यीडा का यह कदम निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करेगा।
भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य शुरू होने पर क्षेत्र में तेजी से बदलाव दिखेगा।
यूपी अब सिर्फ भारत का नहीं, बल्कि विश्व का निवेश गंतव्य बन रहा है। अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।
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