बहराइच में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें
ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार को हिला दिया है। ईरान-इजराइल युद्ध के सातवें दिन में प्रवेश करने के साथ ही तेल की कीमतों में तेज उछाल की आशंका से भारत के कई हिस्सों में अफरातफरी मच गई है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में शुक्रवार को पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीण इलाकों में लोग दाम बढ़ने के डर से पेट्रोल और डीजल डंप (भंडारण) करने में जुट गए। पुलिस को भीड़ संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अफसरों ने अफवाहों पर ध्यान न देने और शांत रहने की अपील की है।
बहराइच में अफरातफरी: पेट्रोल पंपों पर भीड़ और लंबी कतारें
बहराइच के ग्रामीण क्षेत्रों में ईरान-इजराइल संघर्ष की खबरों के बाद तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की अफवाह फैल गई। लोग सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं से प्रभावित होकर पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े। कई पंपों पर सुबह से शाम तक लंबी कतारें लगी रहीं। वाहन चालक, किसान, ट्रैक्टर मालिक और आम लोग कैन, बाल्टी और वाहनों में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए घंटों इंतजार करते दिखे। कुछ जगहों पर झगड़े की स्थिति भी बनी, जिसके बाद पुलिस को तैनात करना पड़ा। पंप संचालकों ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में 4-5 गुना ज्यादा भीड़ आई। कई पंपों पर स्टॉक खत्म होने की स्थिति भी बनी।
क्यों बढ़ी दाम बढ़ने की आशंका?
ईरान-इजराइल युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग प्रभावित हो रही है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की है और अमेरिका ने भी सैन्य हस्तक्षेप बढ़ाया है। इससे वैश्विक क्रूड ऑयल की आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। भारत 85% से ज्यादा तेल आयात करता है, जिसमें मिडिल ईस्ट का बड़ा हिस्सा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर लोग डर रहे हैं कि पेट्रोल-डीजल के दाम 120-130 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकते हैं। इस अफवाह ने बहराइच जैसे ग्रामीण इलाकों में पैनिक खरीदारी को बढ़ावा दिया।
पुलिस और प्रशासन की अपील: अफवाहों पर ध्यान न दें
बहराइच पुलिस और जिला प्रशासन ने स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। एसपी और डीएम ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और दामों में कोई अचानक बढ़ोतरी नहीं हो रही। उन्होंने लोगों से शांत रहने और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की। प्रशासन ने पंप संचालकों को निर्देश दिए कि वे सामान्य भाव पर ही
ईंधन बेचें और कालाबाजारी न होने दें। साथ ही, जरूरतमंदों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई।
वैश्विक संकट का भारत पर असर और आगे क्या?
ईरान युद्ध ने तेल सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। भारत सरकार ने
पहले ही रिजर्व से तेल निकालने और वैकल्पिक स्रोतों
(रूस, अमेरिका) से आयात बढ़ाने की तैयारी की है। लेकिन अल्पकालिक रूप से कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संघर्ष लंबा चला तो पेट्रोल-डीजल 10-15 रुपये महंगा हो सकता है।
बहराइच जैसे जिलों में जहां परिवहन और कृषि पर निर्भरता ज्यादा है, वहां प्रभाव ज्यादा दिख रहा है।
लोगों से अपील है कि घबराहट में अनावश्यक स्टॉक न करें, क्योंकि इससे कालाबाजारी और कमी बढ़ सकती है।
प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। स्थिति सामान्य होने तक सतर्क रहें।
