चंदौली जिले के न्यायिक
चंदौली जिले के न्यायिक इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। यहां से देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के छह जनपदों में एकीकृत न्यायालय परिसर (Integrated Court Complex) का संयुक्त शिलान्यास करेंगे। इन छह जिलों में चंदौली के अलावा महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया शामिल हैं। यह परियोजना उत्तर प्रदेश में न्याय व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अगर आप “चंदौली न्यायालय परिसर शिलान्यास” या “CJI योगी एकीकृत कोर्ट कॉम्प्लेक्स UP” सर्च कर रहे हैं, तो यह ब्लॉग आपको पूरी जानकारी देगा।
एकीकृत न्यायालय परिसर क्या है और इसका महत्व
एकीकृत न्यायालय परिसर एक आधुनिक सुविधा युक्त परिसर है, जिसमें जिला न्यायालय, परिवार न्यायालय, उपभोक्ता फोरम, श्रम न्यायालय और अन्य न्यायिक इकाइयां एक ही छत के नीचे होंगी। यह परियोजना नेशनल ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर अथॉरिटी (NJIA) और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से चल रही है। मुख्य उद्देश्य है:
- न्यायिक प्रक्रिया को तेज करना
- वादियों को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना
- पुराने और जर्जर भवनों से छुटकारा
- डिजिटल कोर्ट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, लाइब्रेरी और बार एसोसिएशन रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं
चंदौली में यह परिसर जिला मुख्यालय पर या निकटवर्ती क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और दूर-दराज के लोगों को न्याय तक आसान पहुंच मिलेगी।
शिलान्यास समारोह की डिटेल्स
शिलान्यास समारोह का आयोजन चंदौली जिले में होने की संभावना है, जहां तीनों प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी। यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अन्य पांच जिलों (महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया) से भी जुड़ा होगा, ताकि सभी स्थानों पर एक साथ शिलान्यास हो सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को “न्याय की नई इमारत” करार दिया है, जो प्रदेश में न्यायिक सुधारों का प्रतीक बनेगी।
यह छह जिलों में एक साथ शुरू होने वाली परियोजना उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर पहल है। प्रत्येक परिसर में लगभग 50-100 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिसमें आधुनिक भवन, सोलर पावर, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और ग्रीन बिल्डिंग फीचर्स शामिल हैं।
छह जिलों में परियोजना का प्रभाव
- चंदौली: पूर्वांचल में न्यायिक पहुंच बढ़ेगी, जहां पहले कोर्ट सुविधाएं सीमित थीं।
- महोबा: बुंदेलखंड के इस जिले में दूर-दराज के लोगों को फायदा।
- अमेठी: राजनीतिक महत्व के साथ न्यायिक विकास।
- शामली: पश्चिमी यूपी में तेज न्याय प्रक्रिया।
- हाथरस: हाल के वर्षों में चर्चित जिले में सुधार।
- औरैया: कानपुर डिवीजन में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर।
ये परिसर बनने से केसों का निपटारा तेज होगा, पुराने केसों का बोझ कम होगा और आम जनता को न्याय में देरी की शिकायत कम होगी।
न्यायिक सुधारों की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार कहा है कि “न्याय में देरी अन्याय है”।
इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में डिजिटल कोर्ट, ई-फाइलिंग और वर्चुअल हियरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और हाईकोर्ट CJ भंसाली की मौजूदगी से यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनेगा।
यह शिलान्यास न केवल चंदौली, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए न्याय व्यवस्था में नया अध्याय जोड़ेगा।
परियोजना पूरी होने पर लाखों लोगों को सीधी राहत मिलेगी।