गणतंत्र दिवस का ऐतिहासिक महत्व और 2026 का विशेष संदेश
26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह से मना रहा है। यह दिन केवल एक राष्ट्रीय अवकाश नहीं, बल्कि भारतीय संविधान के लागू होने की याद दिलाता है। 26 जनवरी 1950 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी, जिसके साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया। संविधान सभा ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की अध्यक्षता में 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिनों की मेहनत से यह ऐतिहासिक दस्तावेज तैयार किया।
26 जनवरी की तारीख का चयन इसलिए भी खास है क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी। आजादी के बाद इस तारीख को ही गणतंत्र दिवस के रूप में चुना गया ताकि स्वतंत्रता संग्राम की भावना सदैव जीवित रहे। 2026 में यह उत्सव ‘एकता में विविधता’ और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को और मजबूत करेगा।
राजपथ पर भव्य परेड: सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक धरोहर का संगम
दिल्ली के राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड दुनिया के सबसे शानदार सैन्य और सांस्कृतिक प्रदर्शनों में से एक है। 2026 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू परेड की सलामी लेंगी। परेड की शुरुआत राष्ट्रपति के आगमन से होगी, उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झंडारोहण करेंगे और राष्ट्रगान होगा।

इस वर्ष परेड में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के जवान मार्च पास्ट करेंगे। आधुनिक टैंक, मिसाइल सिस्टम, राफेल लड़ाकू विमान और ड्रोन स्क्वाड्रन का प्रदर्शन विशेष आकर्षण होगा। फ्रांस के साथ रक्षा सहयोग को रेखांकित करते हुए राफेल विमानों की फ्लाईपास्ट खास होगी। परेड में विभिन्न राज्यों के टेबल्यू देश की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत करेंगे। उत्तर प्रदेश का टेबल्यू अयोध्या में राम मंदिर और वाराणसी की
गंगा आरती पर केंद्रित रह सकता है, जो हाल के वर्षों की ऐतिहासिक घटनाओं को दर्शाएगा।
परेड में एनसीसी, स्काउट्स और बच्चों की टुकड़ियां भी शामिल होंगी,
जो युवा पीढ़ी को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती हैं।
इस बार पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर रहेगा –
इलेक्ट्रिक वाहनों, सोलर एनर्जी मॉडल और ग्रीन इनिशिएटिव्स का प्रदर्शन होगा।
यह संदेश ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।
गणतंत्र दिवस 2026: देशव्यापी उत्सव और प्रेरणा
पूरे देश में झंडारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्कूल-कॉलेजों में भाषण प्रतियोगिताएं और खेलकूद आयोजित होंगे।
लखनऊ, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई जैसे शहरों में राज्य स्तरीय परेड और सम्मान समारोह होंगे। दूरदर्शन और अन्य
चैनलों पर लाइव प्रसारण से करोड़ों भारतीय इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनेंगे।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि संविधान ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है,
जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की गारंटी देता है।
77वें गणतंत्र दिवस पर हम न केवल अतीत को याद करेंगे,
बल्कि भविष्य के लिए संकल्प लेंगे – एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण।