काबुल में भारतीय दूतावास फिर खुलेगा: भारत-अफगानिस्तान नए सिरे से दोस्ती की शुरुआतपरिचय: नया राजनयिक अध्यायभारत ने घोषणा की है कि वह अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में चार वर्षों के बाद फिर से अपना दूतावास खोलेगा। यह ऐतिहासिक कदम अफगान विदेश मंत्री मोलवी आमिर खान मुत्ताकी की भारत यात्रा के दौरान लिया गया, जिसमें दोनों पक्षों ने सुरक्षा, विकास, व्यापार और मानवीय सहायता पर विस्तृत चर्चा की
भारत-अफगानिस्तान संबंधों में नई शुरुआतअफगानिस्तान में तालिबान के 2021 में सत्ता में आने के बाद भारत ने दूतावास गतिविधियाँ रोक दी थीं, लेकिन उसके बाद भारत ने ‘तकनीकी मिशन’ के ज़रिए अफगान जनता तक सहायता पहुँचाने का प्रयास किया। अब दोनों देशों में गहरे रिश्तों की फिर से शुरुआत हो रही है, जिसमें कूटनीतिक मिशन को पूर्ण दूतावास में बदलना एक बड़ी उपलब्धि है
आतंकवाद पर साझा रुखबैठक में दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय आतंकवाद, खासकर पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों से उत्पन्न खतरे पर चिंता ज़ाहिर की। विदेश मंत्री जयशंकर ने अफगान भूमि के भारत विरोधी इस्तेमाल पर अपनी चिंता जताई, जिसपर मुत्ताकी ने आश्वासन दिया कि अफगानिस्तान की धरती कभी भी भारत या अन्य देशों के खिलाफ आतंकवाद के लिए उपयोग नहीं होगी
विकास और मानवता के लिए परियोजनाएँभारत ने अपनी ऐतिहासिक विकास साझेदारी को और मजबूत करने का एलान किया एवं छह नई विकास परियोजनाएँ शुरू करने की घोषणा की। इनमें स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचा, क्षमता निर्माण, राहत और शिक्षा के क्षेत्र के प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे।
साथ ही भारत ने अफगानिस्तान को 20 एम्बुलेंस, MRI व CT स्कैन मशीनें, और वैक्सीन मुहैया कराने का वादा किया व्यापार एवं निवेश के नए अवसरअफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने भारतीय कंपनियों को वहाँ के खनन क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया, जिससे दोनों देशों के व्यापार रिश्तों को मजबूती मिलेगी। भारत ने एयर फ्रेट कॉरिडोर शुरू करने का भी ऐलान किया,
जिससे द्विपक्षीय व्यापार एवं संपर्क आसान होगा शिक्षा और छात्रवृत्तिअफगान छात्रों को भारत में शिक्षा के लिए अधिक अवसर और छात्रवृत्तियाँ देने की घोषणा हुई। अफगान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और शोध के लिए भारत में विस्तृत विकल्प मिलेंगे
, जो दोनों देशों के सामाजिक व सांस्कृतिक रिश्तों को भी नया मकाम देंगे मानवीय सहायता और पुनर्वासभारत ने हाल के भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री पहुँचाई तथा अफगान शरणार्थियों के पुनर्वास और सम्मानजनक आजीविका के लिए आवास निर्माण में मदद का आश्वासन दिया। दोनों देशों ने अफगान समाज की उन्नति और स्थिरता पर सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई
महिला अधिकारों व मानवाधिकारहालांकि द्विपक्षीय प्रेसवार्ता में महिला पत्रकारों के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध ने अफगानिस्तान में महिला अधिकारों की स्थिति पर चिंता पैदा की, भारत ने बुनियादी मानवाधिकारों पर बातचीत जारी रखने का संदेश दिया
क्षेत्रीय शांति, संप्रभुता व भरोसादोनों देशों ने अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता, अखंडता और अमन-चैन के प्रति वचनबद्धता दोहराई। भारत ने अफगानिस्तान की अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करते हुए भरोसे का संदेश दिया कि आगे भी दोनों देश साथ मिलकर दक्षिण एशिया में स्थिरता के नए रास्ते गढ़ेंगे
