पालिका में आयकर विभाग की टीम पहुंची
आयकर टीम की अचानक पहुंच: मिश्रिख नगर पालिका में जांच शुरू
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में गुरुवार को मिश्रिख नगर पालिका कार्यालय में आयकर विभाग की टीम पहुंची। टीम ने ऑफिस में दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई अचानक हुई, जिससे इलाके में हलचल मच गई। मिश्रिख नगर पालिका हाल ही में उपचुनाव के बाद चर्चा में रही है, जहां भाजपा की प्रत्याशी सीमा भार्गव ने जीत हासिल की थी। सीमा भार्गव विधायक रामकृष्ण भार्गव की बहू हैं।
जांच का उद्देश्य: दस्तावेजों की गहन पड़ताल
आयकर टीम ने नगर पालिका के विभिन्न रिकॉर्ड, खातों, टेंडर दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजात चेक करने शुरू किए हैं। जांच अभी जारी है और टीम ने कई फाइलें जब्त करने या स्कैन करने की प्रक्रिया शुरू की है। आयकर विभाग की यह कार्रवाई नियमित सर्वे या विशेष जांच के रूप में देखी जा रही है। हालांकि विभाग की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि यह छापेमारी है या रूटीन चेकिंग।
सीमा भार्गव का चुनावी बैकग्राउंड: BJP की मजबूत पकड़
मिश्रिख नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए हाल ही में हुए उपचुनाव में सीमा भार्गव ने भारी मतों से जीत दर्ज की थी। वे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय भार्गव की पत्नी और विधायक रामकृष्ण भार्गव की बहू हैं। चुनाव में भाजपा ने इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर लड़ा था। सीमा भार्गव को 6512 वोट मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी रामदेवी को 3365 वोट मिले। यह जीत भाजपा के लिए महत्वपूर्ण थी, क्योंकि मिश्रिख संवेदनशील क्षेत्र है और पार्टी यहां मजबूत आधार बनाना चाहती है।
परिवार का पक्ष: नियमित जांच बताई, छापेमारी से इनकार
विधायक रामकृष्ण भार्गव के परिवार ने इस कार्रवाई को नियमित जांच बताया है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग समय-समय पर विभिन्न संस्थाओं के दस्तावेज चेक करता रहता है। परिवार ने छापेमारी या किसी गड़बड़ी के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि नगर पालिका के सभी कामकाज पारदर्शी हैं और जांच में कोई अनियमितता नहीं निकलेगी। हालांकि, विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक दबाव का रूप बताया है, लेकिन अभी कोई ठोस आरोप नहीं लगाया गया है।
मिश्रिख नगर पालिका की स्थिति: विकास कार्यों पर फोकस
मिश्रिख नगर पालिका पिछले कुछ समय से विकास कार्यों में सक्रिय रही है। हाल ही में बजट पास हुआ था, जिसमें सड़क, जल निकासी, पेयजल और सफाई जैसे कार्य शामिल थे। सीमा भार्गव के अध्यक्ष बनने के बाद नगर पालिका में नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हुई है।
आयकर जांच के दौरान इन वित्तीय लेन-देन पर भी नजर रह सकती है। नगर पालिका में टेंडर,
ठेके और फंड उपयोग जैसे मुद्दे जांच के दायरे में आ सकते हैं।
राजनीतिक प्रभाव: यूपी में बढ़ती आयकर कार्रवाई
यूपी में हाल के महीनों में कई राजनीतिक व्यक्तियों और संस्थाओं पर आयकर विभाग की कार्रवाई हुई है।
इससे पहले बसपा विधायक के ठिकानों पर भी सर्वे हुआ था। मिश्रिख की
यह घटना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है,
क्योंकि यहां BJP का मजबूत कुनबा है। जांच के नतीजे आने पर स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल टीम जांच में जुटी है और कोई बड़ा खुलासा नहीं हुआ है।
यह घटना सीतापुर की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।
अब सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं कि क्या
कोई अनियमितता सामने आती है या यह सिर्फ रूटीन प्रक्रिया साबित होती है।