प्रतिष्ठान पर इनकम टैक्स
गोरखपुर में इनकम टैक्स का बड़ा सर्वे: सराफा व्यापारी के यहां 12+ अधिकारी पहुंचे
गुरुवार की सुबह गोरखपुर के व्यस्त पार्क रोड पर स्थित एक प्रमुख सराफा व्यापारी के प्रतिष्ठान पर इनकम टैक्स विभाग की इंटेलीजेंस क्रिमिनल इंवेस्टीगेशन विंग (ICI) की टीम ने अचानक सर्वे शुरू कर दिया। विभाग की बनारस, लखनऊ और गोरखपुर यूनिट से कुल 12 से अधिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और दस्तावेजों, खातों तथा अन्य रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की। यह सर्वे सुबह से ही जारी है और इलाके में व्यापारियों के बीच हलचल मचा हुआ है।
सर्वे का उद्देश्य: टैक्स चोरी और काले धन की जांच
इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों के अनुसार यह सर्वे इंटेलीजेंस आधारित है। विभाग को कुछ सूचनाएं मिली थीं कि इस सराफा प्रतिष्ठान में कैश ट्रांजेक्शन, अनदेखी आय और संभावित टैक्स चोरी हो रही है। सराफा व्यापार में सोना-चांदी की बड़ी डील्स अक्सर कैश में होती हैं, जिससे काले धन का लेन-देन आसान हो जाता है। टीम ने प्रतिष्ठान के सभी रजिस्टर, बही-खाते, बैंक स्टेटमेंट, बिल बुक, जीएसटी रिटर्न और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त करने शुरू किए हैं।
सर्वे टीम में शामिल अधिकारी विभिन्न यूनिट से हैं:
- बनारस यूनिट से टैक्स विशेषज्ञ
- लखनऊ से इंटेलीजेंस और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के अधिकारी
- गोरखपुर लोकल यूनिट से सहयोगी टीम
यह बहु-यूनिट ऑपरेशन इस बात का संकेत है कि विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।
सराफा व्यापारी का नाम और प्रतिष्ठान
प्रतिष्ठान का नाम अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह पार्क रोड के प्रमुख सराफा बाजार में स्थित एक पुराना और जाना-माना दुकान है। व्यापारी परिवार कई पीढ़ियों से इस व्यवसाय में है और इलाके में काफी जाना जाता है। सर्वे शुरू होने के बाद दुकान को सील कर दिया गया है और बाहर पुलिस बल तैनात है ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति अंदर न जा सके।
व्यापारियों में हड़कंप: क्या बरामद होगा?
सर्वे के दौरान कैश, जेवरात, अनदेखी इन्वेंटरी या दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने की आशंका है। यदि बड़ी रकम कैश बरामद हुई या खातों में विसंगति पाई गई तो टैक्स डिमांड के साथ जुर्माना भी लग सकता है। विभाग ऐसे मामलों में अक्सर बेनामी संपत्ति और विदेशी लेन-देन की भी जांच करता है।
पार्क रोड सराफा बाजार के अन्य व्यापारियों में भी डर का माहौल है।
कई दुकानदारों ने कहा कि वे अब अपने रिकॉर्ड दोबारा चेक कर रहे हैं ताकि कोई कमी न रह जाए।
इनकम टैक्स की बढ़ती सक्रियता: यूपी में हालिया ट्रेंड
पिछले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश में इनकम टैक्स विभाग की सक्रियता बढ़ी है। गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी
जैसे शहरों में कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर सर्वे और छापेमारी हुई है। सराफा, रियल एस्टेट और
ज्वेलरी व्यापार में कैश ट्रांजेक्शन ज्यादा होने के कारण ये सेक्टर विभाग की नजर में हैं।
आगे क्या होगा?
सर्वे आमतौर पर 2-3 दिनों तक चलता है। टीम दस्तावेजों को स्कैन कर जब्त कर सकती है और
यदि जरूरी हुआ तो आगे छापेमारी भी हो सकती है। यदि कोई बड़ी अनियमितता मिली तो
व्यापारी को नोटिस जारी होगा और टैक्स, ब्याज व जुर्माना लग सकता है।
यह घटना गोरखपुर के व्यापारिक वर्ग में सतर्कता बढ़ा रही है। अब सभी की नजरें
इस सर्वे के नतीजों पर टिकी हैं कि क्या कोई बड़ा खुलासा होता है या यह सिर्फ रूटीन जांच साबित होती है।