लखनऊ में 57 किमी लंबे
उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow को ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए एक बड़ी परियोजना का शुभारंभ हो गया है। शुक्रवार को देश के रक्षामंत्री Rajnath Singh ने 57 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी मौजूद रहे।
लोकार्पण समारोह शहर के प्रसिद्ध Jhulelal Park में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में मंत्री, जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस परियोजना के शुरू होने से राजधानी के ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ के ट्रैफिक सिस्टम को मिलेगी नई दिशा
लखनऊ में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बन गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने ग्रीन कॉरिडोर परियोजना तैयार की।
करीब 57 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर शहर के प्रमुख इलाकों और मार्गों को आपस में जोड़ता है। इसके चालू होने से शहर के कई व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना न केवल ट्रैफिक जाम को कम करेगी बल्कि शहर में यात्रा के समय को भी काफी कम कर देगी।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने किया लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान रक्षामंत्री Rajnath Singh ने ग्रीन कॉरिडोर का उद्घाटन करते हुए कहा कि लखनऊ के विकास के लिए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आधुनिक और सुव्यवस्थित सड़क नेटवर्क किसी भी शहर के विकास की रीढ़ होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस कॉरिडोर से राजधानी की यातायात व्यवस्था में
बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और लोगों को रोजमर्रा के सफर में काफी सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार
राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ में बनाए गए इस ग्रीन कॉरिडोर से शहर के विकास को नई गति मिलेगी।
साथ ही इससे प्रदूषण और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं को भी कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आने वाले समय में राज्य के अन्य शहरों में भी
इसी तरह की आधुनिक परियोजनाओं पर काम किया जाएगा।
कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
लोकार्पण समारोह में राज्य सरकार के कई मंत्री, विधायक और भाजपा पदाधिकारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान
बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे और उन्होंने इस परियोजना का स्वागत किया।
सरकार का मानना है कि यह ग्रीन कॉरिडोर लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ-साथ
शहर के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
57 किलोमीटर लंबे इस ग्रीन कॉरिडोर के शुरू होने से राजधानी लखनऊ के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक जाम की
समस्या कम होने की उम्मीद है। इसके जरिए शहर में तेज और सुगम यातायात संभव हो सकेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस परियोजना से न केवल यात्रा का समय कम होगा
बल्कि ईंधन की बचत और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
कुल मिलाकर यह ग्रीन कॉरिडोर लखनऊ के शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
