यूपी में 2.5 लाख फर्जी किसान खड़े किए
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में पता चला कि कई जिलों में अफसरों ने नदी, पहाड़, जंगल और बंजर जमीन को खेत बताकर फर्जी किसानों का बीमा कराया। अमर उजाला और दैनिक जागरण की 10 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घोटाले में 2.5 लाख से ज्यादा फर्जी किसान खड़े किए गए, जिससे 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी हुई। मुख्य आरोपी कई तहसीलदार, लेखपाल और बीमा कंपनी के अधिकारी हैं। यूपी सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और कई अफसरों को निलंबित कर दिया है। यह घटना किसानों के बीच आक्रोश का कारण बन गई है, क्योंकि असल किसानों को बीमा क्लेम में देरी हो रही है। इस ब्लॉग में हम इस घोटाले की पूरी डिटेल्स, तरीका, जांच की स्थिति, प्रभाव और किसानों के लिए सलाह बताएंगे।
घोटाले का पूरा खुलासा: नदी-पहाड़ को खेत बनाया
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों को फसल नुकसान पर मुआवजा मिलता है। लेकिन कुछ अफसरों ने इस योजना का दुरुपयोग किया:
- नदी, पहाड़, जंगल और बंजर जमीन को खेत दिखाकर फर्जी किसान बनाए।
- 2.5 लाख से ज्यादा फर्जी किसानों का बीमा कराया।
- फसल नुकसान का दिखावा कर 500 करोड़ से ज्यादा का क्लेम कराया।
- मुख्य जिलों में शामिल: लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, गोरखपुर और बलिया।
एक तहसीलदार ने 5000 फर्जी किसानों का बीमा कराया और 12 करोड़ का क्लेम करा लिया।
जांच की स्थिति: कई अफसर निलंबित, SIT गठित
यूपी सरकार ने मामले का संज्ञान लिया। मुख्य सचिव ने SIT गठित की। अब तक:
- 8 तहसीलदार और 15 लेखपाल निलंबित।
- 3 बीमा कंपनी अधिकारियों पर FIR।
- 1.2 लाख फर्जी किसानों के नाम हटाए गए।
- 200 करोड़ रुपये की रिकवरी शुरू।
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा, “किसानों के पैसों की चोरी बर्दाश्त नहीं। दोषियों को सजा मिलेगी।”
किसानों में आक्रोश: असल किसानों को मिल रहा नुकसान
असल किसानों का कहना है, “फर्जी क्लेम से हमारा मुआवजा रुक रहा है।” कई किसानों ने बताया कि उनकी फसल खराब हुई, लेकिन बीमा कंपनी ने कहा कि “कोटा पूरा हो चुका है।” यह घोटाला किसानों के विश्वास को झकझोर रहा है।
घोटाले का तरीका: फर्जी दस्तावेज और मिलीभगत
- फर्जी खसरा-खतौनी बनाई गई।
- नदी-पहाड़ को खेत दिखाने के लिए फर्जी खेत नंबर।
- बीमा कंपनी के कर्मचारियों से मिलीभगत।
- दस्तावेजों में फर्जी फसल फोटो लगाई गई।