एग्जिट पोल्स में एनडीए की बंपर जीत का अनुमान है, जिसे 130 से 167 सीटों तक माना जा रहा है। यह जीत नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व और बीजेपी-जेडीयू गठबंधन की मजबूती को दर्शाती है।
वोटिंग के दौरान रिकॉर्डतोड़ भागीदारी ने भी इस चुनाव को खास बनाया है, जिसमें महिलाओं और युवाओं का बड़ा योगदान दिखा। एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए गठबंधन को 140-150 सीटें मिलने की संभावना जताई जाती है, जबकि महागठबंधन को करीब 85-95 सीटें मिल सकती हैं।
अन्य सर्वेक्षणों में एनडीए की सीमाएं 147 से 167 सीटों तक भी बताई गई हैं।एनडीए के बंपर सफल होने के पीछे कई कारण हैं, जैसे नीतीश कुमार की पसंदीदा छवि, विकास के प्रति जनता की उम्मीदें, और भाजपा का मजबूत संगठन। विपक्षी महागठबंधन के भीतर भी मतभेद और रणनीतिक चुनौतियां सामने आईं, जिससे उसकी पकड़ कमजोर रही।
एग्जिट पोल दर्शाते हैं कि बिहार में जातिगत वोटिंग का असर मतदाताओं के निर्णय में महत्वपूर्ण रहा, जहां एनडीए को लाभ मिला।इस चुनाव में रिकॉर्ड वोटिंग हुई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सत्ता पक्ष के खिलाफ कोई बड़ी लहर नहीं थी, बल्कि जनमानस ने विकास और स्थिरता को प्राथमिकता दी।
एग्जिट पोल के अनुसार, नीतीश कुमार की छवि बिना कोई खास विवाद के मजबूत रही, जबकि महागठबंधन और अन्य पार्टियों को खास सफलता नहीं मिली।इस चुनाव के नतीजों में यह भी देखा जाएगा कि छोटे दल और जनसुराज पार्टी का प्रभाव कितना रहा। कुछ एग्जिट पोल्स में उन्हें सीमित सीटें मिलती दिख रही हैं।
यदि यह एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो बिहार में फिर से एनडीए की सरकार बनेगी जो 130 से 167 सीटों के बीच होगी, एक दो तिहाई बहुमत के करीब या उससे ऊपर। यह स्थिति बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में स्थिरता और विकास की उम्मीदें जगाएगी।
कुल मिलाकर बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों में एनडीए की बंपर जीत की संभावना मजबूत है, और यह 130 से 167 सीटों तक पहुंच सकती है, जो राज्य में सत्ता स्थिरता और विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी। इस चुनाव में मतदाताओं ने विकास, नेतृत्व और राजनीतिक स्थिरता को प्रधानता दी है, जो आने वाले वर्षों में बिहार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।