गोरखपुर, 22 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पीपीगंज थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। मात्र 8 साल की मासूम बच्ची के साथ देर रात गंभीर अपराध हुआ, जिसकी वजह से उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। यह घटना समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। परिजनों के अनुसार, बच्ची अपनी दादी के मायके एक शादी समारोह में गई थी, जहां से अचानक लापता हो गई। घंटों की तलाश के बाद करीब 200 मीटर दूर एक सुनसान स्थान पर उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया।
घटना की पूरी जानकारी: शादी समारोह से लापता, सुनसान जगह पर मिली बच्ची
पीपीगंज क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार रात शादी समारोह का आयोजन चल रहा था। बच्ची अपनी दादी के साथ मायके गई हुई थी। रात करीब 11 बजे वह अचानक नजरों से ओझल हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। लगभग एक घंटे बाद, करीब 200 मीटर दूर एक जंगल नुमा सुनसान जगह पर बच्ची को खून से लथपथ हालत में मिला। उसके कपड़े फटे हुए थे और शरीर पर कई गंभीर चोटें थीं। परिजन उसे तुरंत स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से स्थिति और गंभीर होने पर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम इलाज में जुटी है। प्रारंभिक जांच में संदेह जताया जा रहा है कि उसके साथ दुष्कर्म और हिंसा की घटना हुई है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है। यह मामला POCSO एक्ट के तहत दर्ज किया गया है, जो बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से निपटने के लिए है।
पुलिस कार्रवाई: 112 कॉल पर त्वरित एक्शन,
एक आरोपी हिरासत मेंजैसे ही घटना की सूचना 112 हेल्पलाइन पर मिली, पीपीगंज पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी। परिजनों की तहरीर पर IPC धारा 376, 307 और POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और ग्रामीणों से पूछताछ की गई। इसके आधार पर एक संदिग्ध आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी स्थानीय निवासी है और उसके पास से अपराध में प्रयुक्त वस्तुएं बरामद हुई हैं।
SP गोरखपुर के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई है, जो अन्य संभावित आरोपी की तलाश में जुटी है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।गोरखपुर में हाल के दिनों में बच्चों के खिलाफ अपराधों की घटनाएं बढ़ रही हैं। गोरखपुर क्राइम न्यूज़ के अनुसार, पिछले एक साल में पीपीगंज और आसपास के क्षेत्रों में 15 से अधिक ऐसी घटनाएं दर्ज हुई हैं। पुलिस ने जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।
समाज की जिम्मेदारी: बच्चों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें
?यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर अलार्म बजा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि शादी-ब्याह जैसे समारोहों में बच्चों पर खास नजर रखनी चाहिए। ग्रामीण इलाकों में रात के समय अकेले घूमना खतरनाक साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने पहले ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि बच्चों को अजनबियों से दूर रहने की ट्रेनिंग दें।