लाख का साइबर फ्रॉड
गोरखपुर में साइबर ठगों ने एक बैंक कर्मी को अपने जाल में फंसा लिया। 16 दिसंबर 2025 की इस घटना में ठगों ने बैंक कर्मी से 16.18 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने एक लड़की की फर्जी ID से संपर्क किया और निवेश का लालच देकर पैसे निकलवाए। पैसे आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और हरिद्वार के खातों में ट्रांसफर किए गए। पीड़ित बैंक कर्मी ने जब पैसे वापस मांगे तो ठगों ने धमकी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को उजागर करती है, जहां ठग सोशल मीडिया और फर्जी ऐप से लोगों को ठग रहे हैं। इस ब्लॉग में हम इस फ्रॉड की पूरी डिटेल्स, ठगों का तरीका, पुलिस कार्रवाई और साइबर सुरक्षा टिप्स बताएंगे। यदि आप ऑनलाइन निवेश करते हैं या सोशल मीडिया यूज करते हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए जरूरी हैं।
फ्रॉड की पूरी डिटेल्स: लड़की की ID से लालच
पीड़ित बैंक कर्मी को सोशल मीडिया पर एक लड़की की फर्जी ID से मैसेज आया। ठगों ने:
- दोस्ती का नाटक किया।
- स्टॉक मार्केट में निवेश का लालच दिया।
- फर्जी ऐप लिंक भेजा।
- पहले छोटी राशि से प्रॉफिट दिखाया।
- फिर बड़ी राशि मंगवाई – कुल 16.18 लाख।
- पैसे कई खातों में ट्रांसफर करवाए।
जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो धमकी मिली।
पैसे कहां निकाले: आंध्र, तमिलनाडु और हरिद्वार
ठगों ने पैसे:
- आंध्र प्रदेश के खातों में।
- तमिलनाडु के बैंक में।
- हरिद्वार के ATM से।
- मल्टीपल ट्रांसफर से ट्रेस मुश्किल।
यह तरीका ठगों का नया मॉड्यूल है, जहां पैसे कई राज्यों में बांटे जाते हैं।
ठगों का तरीका: फर्जी ID और लालच
ठगों ने:
- फर्जी लड़की ID बनाई।
- व्हाट्सएप और टेलीग्राम से संपर्क।
- फर्जी ट्रेडिंग ऐप यूज।
- प्रॉफिट के स्क्रीनशॉट भेजे।
- धमकी के लिए फर्जी नंबर।
यह ‘रोमांस स्कैम’ और ‘इन्वेस्टमेंट फ्रॉड’ का मिश्रण है।
