एलपीजी गैस की किल्लत की खबरों
इस्रायल-ईरान युद्ध ने बढ़ाई गैस की चिंता
पश्चिम एशिया में इस्रायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति ने भारत में एलपीजी (एलपीजी) गैस की आपूर्ति पर गहरा असर डाला है। खासकर व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी की खबरों के बाद अब घरेलू उपभोक्ताओं में भी डर का माहौल है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में गैस एजेंसियों पर सुबह-सुबह से ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। अफवाहें और संभावित कमी की आशंका ने लोगों को सिलेंडर रिफिल कराने के लिए लंबी कतारों में खड़ा कर दिया है।
सहारनपुर में सुबह 8 बजे से लगी लंबी लाइनें
सहारनपुर शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों पर सुबह करीब 8 बजे से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। लोग घरेलू सिलेंडर रिफिल कराने के लिए पहुंच रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि युद्ध के कारण गैस की किल्लत की खबरें सुनकर वे पहले से ही सिलेंडर भरवा लेना चाहते हैं, ताकि बाद में संकट न हो।
बुकिंग नंबर न लगने की समस्या ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। कई लोग घंटों इंतजार करने के बाद भी अपनी बारी नहीं पा रहे हैं। एजेंसियों के बाहर भीड़ इतनी बढ़ गई कि सामान्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उपभोक्ताओं में हताशा और गुस्सा देखा जा रहा है।
मेरठ में पासी गैस सर्विस पर हंगामा
मेरठ जिले में भी स्थिति लगभग वैसी ही है। पासी गैस सर्विस जैसी प्रमुख एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यहां गैस बुकिंग को लेकर लोगों ने हंगामा कर दिया। कई लोग एक साथ एजेंसी में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात करना पड़ा।
जिला प्रशासन का दावा: पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
सहारनपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की पर्याप्त आपूर्ति और स्टॉक उपलब्ध है। कोई भी कमी नहीं है और आने वाले दिनों में भी सामान्य आपूर्ति बनी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि अफवाहों और सोशल मीडिया पर फैली गलत खबरों के कारण लोग अनावश्यक रूप से घबरा रहे हैं।
हालांकि, उपभोक्ताओं का मानना है कि व्यावसायिक गैस की कटौती और युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन
प्रभावित होने से घरेलू स्तर पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए वे पहले से तैयारी करना चाहते हैं।
युद्ध का भारत पर सीधा असर
इस्रायल-ईरान युद्ध ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को प्रभावित किया है, जहां से भारत को
अधिकांश एलपीजी आयात होती है। पहले व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी की खबरें आईं,
जिससे होटल-रेस्तरां और ठेले प्रभावित हुए। अब घरेलू उपभोक्ताओं में भी डर फैल गया है।
क्या करें उपभोक्ता?
प्रशासन की अपील है कि घबराएं नहीं और सामान्य तरीके से बुकिंग करें।
ऑनलाइन बुकिंग या IVRS के जरिए सिलेंडर बुक करने की कोशिश करें।
अनावश्यक भीड़ से बचें, क्योंकि यह एजेंसियों के काम को और प्रभावित कर सकती है।
यह स्थिति एक बार फिर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल खड़ी करती है।
अगर युद्ध लंबा चला तो गैस की किल्लत और गंभीर हो सकती है। फिलहाल पश्चिमी
यूपी में गैस एजेंसियों पर लगी कतारें युद्ध के असर को सीधे जनता तक पहुंचा रही हैं।
