लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने 15 दिसंबर 2025 को एक बड़ा बयान देकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, “सरकार की आलोचना करो तो BJP पुराने केस खोलकर गिरफ्तार कर लेती है।” अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बयान पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी और अन्य विपक्षी नेताओं के मामलों के संदर्भ में आया है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक प्रतिशोध ले रही है और पुराने मामलों को खोलकर विरोधियों को दबा रही है। यह बयान UP राजनीति में नई हलचल मचा रहा है, जहां 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप तेज हो रहे हैं।
अखिलेश यादव का बयान: पुराने केस खोलकर गिरफ्तारी का आरोप
अखिलेश यादव ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “सरकार की आलोचना करो तो BJP पुराने केस खोलकर गिरफ्तार कर लेती है। यह लोकतंत्र की हत्या है।” यह बयान पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की 8 दिसंबर 2025 को ट्रेन से गिरफ्तारी के बाद आया है। अखिलेश ने कहा कि ठाकुर सरकार की नीतियों की आलोचना करते थे, इसलिए पुराना केस खोलकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्होंने अन्य विपक्षी नेताओं के मामलों का जिक्र कर कहा कि BJP विरोधियों को दबाने के लिए यह रणनीति अपनाती है।
बयान का संदर्भ: अमिताभ ठाकुर गिरफ्तारी और पुराने केस
- अमिताभ ठाकुर: 2019 के केस में गिरफ्तार, परिवार ने राजनीतिक प्रतिशोध कहा।
- अन्य उदाहरण: सपा नेता आजम खान, शिवपाल यादव के पुराने केस खोले गए।
- अखिलेश ने कहा, “सरकार विपक्ष को कमजोर करने के लिए पुराने केस इस्तेमाल कर रही है।”
BJP की प्रतिक्रिया: कानूनी कार्रवाई, राजनीति नहीं
BJP ने अखिलेश के बयान को झूठा बताया। यूपी BJP प्रवक्ता ने कहा, “यह कानूनी कार्रवाई है, राजनीति नहीं। जो गलती करेगा, सजा मिलेगी।” उन्होंने कहा कि सपा सरकार में भी पुराने केस खोले जाते थे।
राजनीतिक प्रभाव: 2027 चुनाव से पहले हलचल
यह बयान 2027 UP विधानसभा चुनाव से पहले सपा की रणनीति का हिस्सा लगता है।
सपा ने कहा, “यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।” कांग्रेस और बसपा ने भी समर्थन किया