एटा में शिक्षक की क्रूरता
एटा में शर्मनाक घटना: मासूम छात्रा की चीखों से भी नहीं पसीजा शिक्षक का दिल
5 मिनट की देरी बनी क्रूरता की वजह
उत्तर प्रदेश के एटा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जैथरा विकास खंड के ग्राम नगला बली स्थित एसपीएस पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली सात साल की छात्रा को शिक्षक ने बेरहमी से पीट दिया। छात्रा की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह स्कूल पांच मिनट देरी से पहुंची थी।
डंडे से पीटा, बाल तक नोच लिए
आरोप है कि शिक्षक संतोष ने गुस्से में आकर छात्रा को डंडे से बुरी तरह पीटा। इतना ही नहीं, उसने छात्रा के सिर के बाल तक खींच लिए। मासूम बच्ची दर्द से चीखती रही, लेकिन शिक्षक का दिल नहीं पसीजा। इस अमानवीय घटना से स्कूल के अन्य बच्चे भी सहम गए।
लंच के बाद लौटी थी छात्रा
जानकारी के अनुसार छात्रा नित्या लंच ब्रेक में खाना खाने घर गई थी। वापस स्कूल आने में उसे पांच मिनट की देरी हो गई, जिससे शिक्षक का गुस्सा भड़क गया और उसने इस तरह की क्रूरता की।
डर के कारण देर से बताई आपबीती
घटना के बाद छात्रा इतनी डर गई थी कि उसने तुरंत घर पर कुछ नहीं बताया। रात में डरते-डरते उसने अपनी मां सरोज को पूरी घटना सुनाई। इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया।
परिजनों ने दर्ज कराई शिकायत
पीड़िता की मां सरोज, पत्नी अमरदीप, निवासी माया ने तुरंत कोतवाली में शिक्षक संतोष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए
तहरीर दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लोगों में भारी आक्रोश
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों में
भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जहां सरकार
बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए प्रयास कर रही है,
वहीं ऐसे शिक्षक बच्चों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।
स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग
स्थानीय निवासी विजय गोस्वामी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे विद्यालयों की
मान्यता तुरंत समाप्त कर दी जानी चाहिए और स्कूल को सील कर देना चाहिए।
एटा की यह घटना शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए,
और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
