लखनऊ के रेल विहार फेज
घटना का विवरण: रात ढाई बजे मचा हड़कंप
लखनऊ के रेल विहार फेज-3 में सोमवार (12 जनवरी 2026) की रात करीब ढाई बजे एक तीन मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। मकान के मालिक इंजीनियर संजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पूरा परिवार गहरी नींद में था। अचानक गेट पर तेज खटखटाहट और कॉल बेल की आवाज सुनकर नींद खुली। बाहर निकलते ही देखा कि पड़ोसी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में जमा हो चुके थे और “आग लग गई है” का शोर मचा रहे थे।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी थी। संजीत श्रीवास्तव ने बताया कि अगर पड़ोसियों ने समय पर सूचना नहीं दी होती तो पूरा परिवार सोते-सोते जिंदा जल सकता था।
आग कैसे लगी और कितना नुकसान?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर की किचन से शुरू हुई। संभावित कारण गैस सिलेंडर लीकेज या शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल का हिस्सा आग की चपेट में आ गया।
- नुकसान: – किचन पूरी तरह जलकर खाक – ग्राउंड फ्लोर के फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कपड़े जल गए – पहली मंजिल का बेडरूम और लिविंग एरिया भी प्रभावित – दूसरी मंजिल तक आग नहीं पहुंची, लेकिन धुआं बहुत ज्यादा था
सौभाग्य से परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए।
पड़ोसियों और फायर ब्रिगेड की बहादुरी
पड़ोसी श्री अजय यादव और उनके परिवार ने सबसे पहले आग देखी। उन्होंने तुरंत गेट खटखटाया, कॉल बेल बजाई और साथ ही फायर ब्रिगेड को फोन किया। पड़ोसियों की चेतावनी के कारण ही परिवार समय पर जाग सका और बाहर निकल पाया।
फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। लगभग 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फायर ऑफिसर ने बताया कि धुआं बहुत घना था, जिससे घर के अंदर सांस लेना मुश्किल हो रहा था। अगर 10-15 मिनट और देर होती तो स्थिति बहुत गंभीर हो सकती थी।
परिवार की स्थिति और राहत
संजीत श्रीवास्तव ने बताया कि परिवार में उनकी पत्नी, दो बच्चे और मां शामिल हैं।
सभी सुरक्षित हैं, लेकिन सदमे में हैं। घर का काफी सामान जल गया है।
पड़ोसी परिवारों ने तुरंत उन्हें अपने घरों में शरण दी और खाना-पानी की व्यवस्था की।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम ने भी परिवार को तत्काल सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
सलाह: घर में आग से बचाव के उपाय
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि घर में आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए:
- रात में गैस सिलेंडर का मुख्य वाल्व बंद रखें
- स्मोक डिटेक्टर लगवाएं
- इलेक्ट्रिकल वायरिंग की समय-समय पर जांच कराएं
- आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता पहले से तय रखें
- पड़ोसियों से संपर्क नंबर जरूर रखें
रेल विहार फेज-3 की इस घटना में परिवार बाल-बाल बचा, लेकिन नुकसान काफी हुआ।
पड़ोसियों की सजगता और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
ऐसे समय में समाज की एकजुटता और सतर्कता बहुत जरूरी है।