बाराबंकी में हादसे का भयावह मंजर
बाराबंकी में हादसे का भयावह मंजर: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में बुधवार रात करीब 9 बजे एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। प्लाईवुड से लदा एक तेज रफ्तार डंपर ट्रक रेलवे ओवरब्रिज पर से अचानक अनियंत्रित हो गया और 25 फीट नीचे रेलवे ट्रैक पर जा गिरा। ट्रक के गिरते ही रेलवे की ओवरहेड बिजली लाइनें टूट गईं और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।
सबसे बड़ी बात यह कि ठीक उसी समय अमृतसर से बिहार के सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12203) उसी ट्रैक पर तेज गति से आ रही थी। ट्रेन में सैकड़ों यात्री सवार थे। लोको पायलट की सूझबूझ और तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाने की वजह से ट्रेन मलबे से कुछ मीटर पहले रुक गई। यदि 10-15 सेकंड की भी देरी होती तो सैकड़ों जिंदगियां खतरे में पड़ जातीं।
हादसा कैसे हुआ?
रामनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस रेलवे ओवरब्रिज पर डंपर चालक तेज गति से गाड़ी चला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक अचानक दाहिनी तरफ मुड़ा, लोहे की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरा। ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया जबकि प्लाईवुड की गठरी दूर तक बिखर गई। ट्रक ड्राइवर और खलासी को मामूली चोटें आईं, दोनों को तुरंत अस्पताल भेजा गया।
रेलवे की त्वरित कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंच गए।
- दोनों तरफ की ट्रेनों को कुछ देर के लिए रोका गया।
- क्रेन की मदद से ट्रक के मलबे को हटाया गया।
- टूटी हुई ओएचई (Overhead Equipment) लाइनों को ठीक करने का काम रात भर चलता रहा।
- करीब 4 घंटे बाद यानी रात 1 बजे के आसपास ट्रैक पूरी तरह क्लियर हो सका।
गरीब रथ एक्सप्रेस को आगे रवाना किया गया और अन्य ट्रेनों का संचालन भी धीरे-धीरे सामान्य हुआ।
सुरक्षा पर सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब बाराबंकी-लखनऊ रेलखंड पर ओवरब्रिज से वाहन गिरने की घटना हुई हो। पहले भी कई बार ओवरलोड ट्रक और तेज रफ्तार की वजह से ऐसे हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि:
- ओवरब्रिज पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं
- दोनों तरफ मजबूत क्रैश बैरियर लगाए जाएं
- भारी वाहनों की रात में आवाजाही पर सख्ती की जाए
यात्री बोले – “दूसरा जन्म मिला”
ट्रेन में सवार यात्रियों ने राहत की सांस ली। पटना जा रहे एक यात्री संजय कुमार ने बताया, “अचानक
जोरदार झटका लगा और ट्रेन रुक गई। बाहर देखा तो ट्रक का मलबा बिखरा पड़ा था। सच में ऊपर वाले ने बचा लिया।”
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि लोको पायलट की सतर्कता और तुरंत ब्रेक लगाने की वजह से बड़ा हादसा टल गया।
उनकी बहादुरी के लिए उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
निष्कर्ष
यह हादसा एक बार फिर रेलवे और सड़क सुरक्षा के बीच तालमेल की कमी को उजागर करता है।
अगर समय रहते ओवरब्रिज की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं
किया गया तो कभी भी बड़ा रेल हादसा हो सकता है।
फिलहाल जांच जारी है और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
