गोरखपुर: कड़ाके की ठंड में अलाव की गर्मी लेना कई गरीब और मजबूर लोगों की मजबूरी बन जाता है। लेकिन मंगलवार देर रात गोरखपुर में यह मजबूरी मौत बन गई। एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर चौराहे के पास एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे अलाव ताप रहे लोगों पर चढ़ गई। इस भयावह हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का समय और पूरा विवरण
घटना 6 जनवरी 2026 की देर रात करीब 10 बजे की है। रामपुर गांव के रहने वाले कुछ लोग ठंड से बचने के लिए सड़क किनारे लकड़ियां जलाकर अलाव ताप रहे थे। गोरखपुर शहर से बीआरडी मेडिकल कॉलेज की ओर जा रही एक स्कॉर्पियो (संख्या UP-53-AT-XXXX) तेज गति से आ रही थी। अचानक चालक का वाहन पर नियंत्रण खो गया और यह सीधे अलाव के पास बैठे लोगों पर चढ़ गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो पलट गई और आसपास का इलाका खून से सन गया। मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग दौड़े, लेकिन तब तक तीन लोगों की सांसें थम चुकी थीं।
मृतकों और घायलों की जानकारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतकों में शामिल हैं:
- स्कॉर्पियो चालक (नाम अभी अज्ञात, स्थानीय निवासी बताया जा रहा है)।
- दो ग्रामीण – रामपुर गांव के ही 45 वर्षीय रामलाल और 52 वर्षीय छोटेलाल (नाम परिवर्तित)।
घायल पांच लोगों में तीन की हालत बेहद नाजुक है। सभी घायलों को तुरंत बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों के नाम:
- संतोष (38 वर्ष)
- राजेश (42 वर्ष)
- विमला देवी (50 वर्ष)
- दो अन्य (पहचान जारी)
डॉक्टर्स ने बताया कि कुछ घायलों के सिर और छाती में गंभीर चोटें आई हैं।
मौत और घायलों की पहचान

हादसे के संभावित कारण
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि स्कॉर्पियो बहुत तेज रफ्तार में थी और संभवतः चालक को कोहरे या ठंड के कारण सड़क किनारे बैठे लोग दिखाई नहीं दिए। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि वाहन में शराब की बोतलें मिली हैं, हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
एम्स थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया गया है और चालक की मौत होने के कारण धारा 304A (लापरवाही से मौत) के तहत केस दर्ज किया जाएगा। फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच जारी है।
ठंड में अलाव तापने की मजबूरी और खतरा
उत्तर भारत में इन दिनों भीषण शीतलहर चल रही है।
गोरखपुर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे दर्ज किया जा रहा है।
गरीब परिवारों के पास गर्म कपड़े या कमरे गर्म करने के साधन नहीं होते,
इसलिए सड़क किनारे अलाव तापना आम बात है।
लेकिन मुख्य सड़कों के किनारे यह जानलेवा साबित हो रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में गोरखपुर और आसपास के जिलों में ऐसे कई हादसे हो चुके हैं,
जहां अलाव ताप रहे लोग वाहनों की चपेट में आ गए।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि ठंड में जरूरतमंदों को आश्रय गृह उपलब्ध कराए जाएं
और सड़क किनारे अलाव तापने पर प्रतिबंध के साथ वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
