तड़के यमुना एक्सप्रेसवे पर
उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर भीषण सड़क हादसा हुआ है। 3 मार्च 2026 की तड़के करीब 4 बजे सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव गढ़ी हरिया के निकट एक निजी डबल डेकर बस ने पीछे से एक इको वैन (ईको कार) में जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक दुर्घटना में इको वैन में सवार 13 लोगों में से 6 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक और घायल सभी राजस्थान के धौलपुर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
हादसे का विस्तृत ब्यौरा
तड़के का समय होने के कारण सड़क पर कम वाहन थे, लेकिन डबल डेकर बस की तेज रफ्तार और संभवतः चालक की लापरवाही ने यह हादसा कर दिया। बस ने इको वैन को पीछे से इतनी जोर से टक्कर मारी कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इको में सवार लोग एक ही परिवार या समूह से संबंधित थे, जो राजस्थान से किसी यात्रा पर जा रहे थे। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई लोगों को गंभीर चोटें आईं और 6 लोगों की मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही सादाबाद पुलिस, स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों और राहगीरों ने भी शुरुआती मदद की। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया है। घायलों को तुरंत निकटवर्ती खंदौली थाना क्षेत्र के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए आगरा या मथुरा रेफर किया जा सकता है।
मृतक और घायल: सभी धौलपुर (राजस्थान) के निवासी
पुलिस और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मृतक और घायल सभी राजस्थान के धौलपुर जिले के रहने वाले हैं। यह जानकारी परिवारों और वाहन के दस्तावेजों से मिली है। हादसे में एक पूरा परिवार प्रभावित हुआ है, जिससे दोनों राज्यों में शोक की लहर है। धौलपुर से कई लोग इस हादसे की खबर सुनकर परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
यातायात प्रभावित, पुलिस जांच शुरू
हादसे के तुरंत बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर यातायात कुछ देर के लिए ठप हो गया। क्रेन और पुलिस की मदद से
क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया गया। अब यातायात बहाल हो चुका है, लेकिन धीमी गति से चल रहा है।
यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी ने भी हादसे की सूचना दी है और जांच में सहयोग कर रही है।
सादाबाद कोतवाली पुलिस ने डबल डेकर बस के चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच में तेज रफ्तार,
लापरवाही और संभवतः नींद आने जैसे कारणों की पड़ताल की जा रही है। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची है।
एक्सप्रेसवे पर ऐसे हादसों को रोकने के लिए
सख्त नियमों और स्पीड कैमरों की मांग फिर से तेज हो गई है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
यमुना एक्सप्रेसवे भारत के सबसे आधुनिक हाईवे में से एक है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में
यहां कई भीषण हादसे हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की बसों के चालकों की थकान,
ओवरस्पीडिंग और रात के समय ड्राइविंग के नियमों का पालन न होना
मुख्य कारण हैं। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिवारों को संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना। प्रशासन से अपील है कि
ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।