गोरखपुर जिले के जंगल कौड़ियां इलाके में रविवार सुबह (1 फरवरी 2026) करीब 10 बजे एक भयंकर सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने आ रही कार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कार के दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कार में सवार अन्य चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल सदर अस्पताल गोरखपुर ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, ट्रक चालक बेकाबू हो गया था और हाईवे पर ओवरटेकिंग के चक्कर में यह दुर्घटना घटी। स्थानीय लोगों ने फौरन 108 एम्बुलेंस को कॉल किया और घायलों को बचाने में मदद की।
मृतकों की पहचान रामप्रताप (45 वर्ष) और उनकी पत्नी सीता देवी (42 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कैंपियरगंज क्षेत्र के निवासी थे। वे बाजार से लौट रहे थे जब यह हादसा हुआ। eyewitnesses ने बताया कि ट्रक अचानक लेन क्रॉस कर कार से भिड़ गया, जिससे कार की हालत खस्ता हो गई। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को सीज कर लिया और चालक के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया।
बसपा कैंपियरगंज की संवेदना – परिवारों के प्रति शोक संदेश
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की कैंपियरगंज इकाई ने हादसे पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए सभी प्रभावित परिवारों को गहरी संवेदना व्यक्त की। बसपा नेताओं ने कहा, “यह दुखद घटना पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर गई है। भगवान कुदरत सभी को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद करेगी।” कैंपियरगंज बसपा अध्यक्ष ने शोक सभा बुलाई और मृतकों के परिजनों से मिलने का ऐलान किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से घायलों के इलाज का खर्च उठाने और मृतकों के परिवार को तत्काल मुआवजा देने की मांग की।
यह संवेदना संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां हजारों लोगों ने लाइक और शेयर किया। बसपा ने इसे क्षेत्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील की।
घायलों की हालत और प्रशासनिक कार्रवाई
सदर अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, चारों घायल खतरे से बाहर हैं लेकिन दो की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें ICU में रखा गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने ट्रक मालिक से पूछताछ शुरू कर दी है।
स्थानीय विधायक ने भी अस्पताल पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और आर्थिक सहायता का वादा किया।
सड़क सुरक्षा पर सवाल – क्यों बार-बार हो रहे हादसे?
उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा। गोरखपुर जैसे जिलों में हाईवे पर स्पीड ब्रेकर की कमी,
खराब लाइटिंग और ड्राइवरों की लापरवाही प्रमुख कारण हैं।
पिछले साल UP में 22,000 से ज्यादा हादसे हुए, जिसमें 10,000 मौतें दर्ज की गईं।
जंगल कौड़ियां हाईवे पर पहले भी कई एक्सीडेंट हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सख्त ट्रैफिक नियम,
कैमरा इंस्टॉलेशन और बेहतर सड़क डिजाइन जरूरी है।
ऐसे हादसों से बचने के लिए जागरूकता और सख्ती दोनों बढ़ानी होगी।
निष्कर्ष: सड़क सुरक्षा की जरूरत
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। पीड़ित परिवारों को न्याय और सहायता मिलनी चाहिए।
प्रशासन से अपील है कि जांच तेज हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
गोरखपुर में ऐसे हादसों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाएं।
शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना। सड़क पर सावधानी बरतें, जान बचाएं।
