NH-9 पर भयानक हादसा
अमरोहा NH-9 पर भयानक हादसा: चार MBBS डॉक्टर छात्रों की एक साथ मौत, कार ने ट्रक से मारी टक्कर; परिवारों पर छाया मातम
अमरोहा, 4 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में नेशनल हाईवे-9 पर मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। रजबपुर थाना क्षेत्र के अतरासी चौकी के सामने सर्विस लेन पर तेज रफ्तार स्विफ्ट डिज़ायर कार ने सड़क किनारे खड़े डीसीएम ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और चारों युवक अंदर ही फंसकर दम तोड़ गए। मरने वाले चारों एक ही निजी मेडिकल यूनिवर्सिटी के 2020 बैच के MBBS छात्र थे, जो इंटर्नशिप कर रहे थे। यह दर्दनाक घटना न सिर्फ चार परिवारों को उजाड़ गई, बल्कि पूरे मेडिकल समुदाय को स्तब्ध कर दिया।
हादसे की वजह: ट्रक पर रिफ्लेक्टर न होना और अंधेरा बना काल
पुलिस जांच में सामने आया है कि डीसीएम ट्रक बिना किसी चेतावनी संकेत या रिफ्लेक्टर के सर्विस लेन में खड़ा था। रात के अंधेरे में ड्राइवर को ट्रक दिखाई नहीं दिया और सीधी टक्कर हो गई। डिप्टी एसपी अभिषेक यादव ने बताया, “रात करीब 10 बजे कार ने पीछे से ट्रक में टक्कर मारी। चारों की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है।” राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने गैस कटर से कार के दरवाजे काटे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चारों शवों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मृतकों की पहचान: दिल्ली, गुजरात और त्रिपुरा के होनहार डॉक्टर बनने वाले थे
हादसे में जान गंवाने वाले चारों युवक एक ही मेडिकल यूनिवर्सिटी के 2020 बैच के थे और अलग-अलग अस्पतालों में इंटर्नशिप कर रहे थे:
- आयुष शर्मा (23 वर्ष) – दिल्ली निवासी
- श्रेयस पंचोली (22 वर्ष) – गुजरात निवासी
- सप्तऋषि दास (22 वर्ष) – त्रिपुरा निवासी
- अरनब चक्रवर्ती (23 वर्ष) – त्रिपुरा निवासी
ये सभी दोस्त एक साथ यूनिवर्सिटी हॉस्टल से लौट रहे थे। उनके दोस्तों ने बताया कि वे रोज़ इसी रास्ते से आते-जाते थे। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “ये चारों मेहनती और अनुशासित छात्र थे। उनकी मौत से पूरा कैंपस सदमे में है।”
परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल: “डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया”
सूचना मिलते ही चारों परिवारों में कोहराम मच गया। आयुष शर्मा की मां बेहोश हो गईं। उन्होंने रोते हुए कहा, “मेरा इकलौता बेटा था… कल ही बोला था मां जल्दी घर आ रहा हूं।” गुजरात से श्रेयस के पिता रातोंरात अमरोहा पहुंचे। त्रिपुरा के दोनों छात्रों के परिजन विमान से दिल्ली आए और फिर सड़क मार्ग से अमरोहा पहुंचे। एक बहन ने कहा, “भैया ने अभी पिछले हफ्ते ही नया फोन लिया था… अब वो फोन भी चुप है।” यूनिवर्सिटी हॉस्टल में उनके कमरों के बाहर ताले लग गए हैं, किताबें और स्टेथोस्कोप अब सिर्फ याद बनकर रह गए।
पुलिस कार्रवाई: ट्रक जब्त, ड्राइवर हिरासत में
पुलिस ने तुरंत ट्रक को कब्जे में ले लिया है। ड्राइवर से पूछताछ जारी है।
प्रारंभिक जांच में ट्रक पर रिफ्लेक्टर और चेतावनी लाइट न लगाने की लापरवाही सामने आई है।
IPC की धारा 304A (लापरवाही से मौत) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
फॉरेंसिक टीम ने मौके से सैंपल लिए हैं।
SP अमरोहा ने कहा, “दोषी किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
यूपी में सड़क हादसों का सिलसिला: NH-9 पर बढ़ते खतरे
2025 में उत्तर प्रदेश में अब तक 15 हजार से ज्यादा सड़क हादसे हो चुके हैं
, जिनमें 8 हजार से अधिक मौतें हुई हैं।
NH-9 दिल्ली-मुरादाबादाबाद रूट पर रात के समय ट्रक पार्किंग और खराब लाइटिंग की समस्या आम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर और CCTV की कमी जानलेवा साबित हो रही है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाता है।
चार होनहार डॉक्टरों का सपना चंद सेकंड में चूर हो गया।
उनके परिवारों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। उम्मीद