अपार्टमेंट अग्निकांड 2025 में वांग फुक कोर्ट हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के कई हाई-राइज टावर ब्लॉक्स में आग लग गई, जिसमें कम से कम 44 लोगों की मौत हो चुकी है और 279 लोग अभी भी लापता हैं। यह हादसा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हांगकांग का सबसे घातक अग्निकांड है, जो 1962 के बाद पहली बार इतनी भारी क्षति पहुंचा रहा है। बीबीसी न्यूज हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, आग का कारण निर्माण कार्य के दौरान लगाई गई असुरक्षित बांस की स्कैफोल्डिंग और फोम सामग्री बताई जा रही है।
मुख्य कार्यकारी जॉन ली ने मध्यरात्रि के बाद घोषणा की कि 279 लोग अभी भी संपर्क से बाहर हैं। सुबह 6 बजे तक मृतकों की संख्या 44 पहुंच गई, जबकि 45 लोग अस्पतालों में गंभीर हालत में भर्ती हैं। पुलिस ने निर्माण कंपनी के तीन अधिकारियों (उम्र 52 से 68 वर्ष) को लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है। यह घटना हांगकांग की पुरानी आवासीय इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है, जहां घनी आबादी और पुरानी संरचनाएं खतरे का सबब बनी हुई हैं।
हादसे का विवरण: कैसे फैली आग, कितनी तेजी से?
आग दोपहर 2:51 बजे (स्थानीय समय) वांग फुक कोर्ट के एक टावर में शुरू हुई, जो 1983 में बनी आठ ब्लॉक्स वाली इस कॉलोनी का हिस्सा है। यह कॉम्प्लेक्स करीब 4,800 निवासियों का घर है, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग और परिवार शामिल हैं। आग तेजी से सात ब्लॉक्स तक फैल गई, क्योंकि इमारत में चल रहे नवीनीकरण कार्य के दौरान बांस की स्कैफोल्डिंग और ज्वलनशील फोम बोर्ड्स लगाए गए थे।
आंखों देखी हालात डरावने थे। निवासी जेसन कोंग ने बताया, “आग की लपटें इतनी तेज थीं कि ऊपरी मंजिलों तक पहुंचते ही धुआं सबको घेर लिया। मेरा 10 साल का कुत्ता बेर्बे अभी भी फ्लैट में फंसा है, लेकिन पुलिस ने वापस जाने नहीं दिया।” स्थानीय मीडिया के अनुसार, कई परिवार के सदस्य अभी भी लापता हैं, और पुलिस लाउडस्पीकर से लोगों को ढूंढ रही है। आग की ऊंचाई और तापमान इतना अधिक था कि फायरफाइटर्स को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन: 800 से ज्यादा कर्मी तैनात, लेकिन चुनौतियां बरकरार
हांगकांग फायर सर्विसेज डिपार्टमेंट ने तुरंत 800 से ज्यादा इमरजेंसी वर्कर्स, 11 जेट्स, 8 टर्नटेबल लैडर्स और 26 सर्च-एंड-रेस्क्यू टीम्स तैनात कीं। पुलिस ने 1,000 से ज्यादा अधिकारी लगाए, जो निकासी, रेस्क्यू और इमरजेंसी सपोर्ट संभाल रहे हैं। रात भर चली मशक्कत में 40 शव घटनास्थल पर ही मिले, जबकि 4 अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ चुके।
एक दुखद खबर यह भी कि मृतकों में 37 वर्षीय फायरफाइटर हो वाई-हो भी शामिल हैं, जो शा टिन फायर स्टेशन में 9 साल से सेवा दे रहे थे। आग बुझाने के दौरान उनसे संपर्क टूट गया, और आधे घंटे बाद उन्हें बेहोश पाया गया। एक अन्य फायरफाइटर को हीट एग्जॉर्शन से इलाज कराया गया। सुबह होते ही रेस्क्यू जारी है, लेकिन लापता लोगों की संख्या चिंताजनक बनी हुई है। आसपास का इलाका खाली करा लिया गया है, 30 से ज्यादा बस रूट डायवर्ट हो चुके हैं, और 900 लोग आठ शेल्टर्स में ठहराए गए हैं। हाउसिंग सेक्रेटरी विंनी हो ने कहा, “शहरभर में 1,400 फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे विस्थापितों के लिए।”
हांगकांग के इतिहास का सबसे घातक हादसा: पुरानी यादें ताजा
यह आग 1962 के शम शुई पो अग्निकांड की याद दिला रही है, जिसमें 44 लोग मारे गए थे और सैकड़ों बेघर हो गए। उस समय 50 पाउंड आतिशबाजी सामग्री से आग फैली थी।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1948 का वेयरहाउस विस्फोट (176 मौतें) सबसे बड़ा था।
2008 के कॉर्नवाल कोर्ट फायर के बाद यह लेवल 5 की आग है।
हांगकांग में बांस स्कैफोल्डिंग आम है, लेकिन सरकार ने इस साल सार्वजनिक प्रोजेक्ट्स में इसे हटाने का फैसला लिया था।
यह हादसा आवास संकट वाली इस घनी आबादी वाली जगह पर सुरक्षा मानकों की पुनर्समीक्षा की मांग कर रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया: जॉन ली का वादा, जांच शुरू
मुख्य कार्यकारी जॉन ली ने गहरा शोक जताते हुए कहा, “मृतकों के परिवारों को गहरी संवेदना।
हम सभी संसाधन उपलब्ध कराएंगे।”
पुलिस ने ‘ग्रॉस नेग्लिजेंस’ का आरोप लगाते हुए
जांच तेज कर दी है। तीन गिरफ्तारों से निर्माण कार्य में सुरक्षा उल्लंघन का पता चला।
हांगकांग हाउसिंग अथॉरिटी ने नवीनीकरण प्रोजेक्ट्स पर तत्काल रोक लगा दी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहानुभूति मिल रही है, और चीनी मुख्यभूमि से मदद की पेशकश हुई है।
आगे की राह: सबक और सावधानियां
यह त्रासदी हांगकांग को पुरानी इमारतों की मरम्मत में सख्ती बरतने की चेतावनी दे रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वलनशील सामग्री और स्कैफोल्डिंग पर नए नियम जरूरी हैं।
निवासियों को सलाह दी जा रही है
कि इमरजेंसी एग्जिट चेक करें और फायर अलार्म टेस्ट करें। रेस्क्यू अब भी जारी है
– उम्मीद है कि लापता जिंदगियां बचाई जा सकें
। यह हादसा याद दिलाता है कि सुरक्षा पहले आती है।