गोरखपुर के राप्ती तट पर
गोरखपुर में मसान की होली: शिवमय और अलौकिक माहौल
गोरखपुर के राप्ती तट पर शनिवार को मसान की होली का अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। गुरु गोरक्षनाथ आरती समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूरा तट भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा। महामंडलेश्वर कंकेश्वरी नंद गिरि ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई। शिव नंदी पर सवार होकर निकले, जबकि देवी-देवता और गण बाराती बने। शिव-पार्वती विवाह का मंचन होते ही पूरा तट “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
भव्य बारात और शिव-पार्वती विवाह का जीवंत मंचन
कार्यक्रम की अगुवाई समिति के अध्यक्ष उमेश अग्रहरी ने की। वाराणसी और गोरखपुर के कलाकारों ने मिलकर शिवमय वातावरण सृजित कर दिया। नंदी पर सवार भगवान शिव की बारात में भक्तों ने हाथों में त्रिशूल, डमरू और बेलपत्र लिए नाच-गाकर साथ दिया। शिव-पार्वती विवाह का मंचन इतना जीवंत था कि दर्शक भाव-विभोर हो गए। पार्वती के रूप में सजी कलाकार और शिव के रूप में नृत्य करते कलाकारों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बारात के आगे-पीछे हजारों भक्त “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के नारे लगाते चले।
मसान की होली का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
मसान की होली गोरखपुर की अनोखी परंपरा है, जो शिव भक्ति और होली के रंग को एक साथ जोड़ती है। राप्ती तट पर मसान क्षेत्र में आयोजित यह उत्सव भगवान शिव के तांडव और उनके परिवार के साथ होली खेलने की भावना को दर्शाता है। इस बार आयोजन में विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ी। समिति ने होली के रंगों के साथ-साथ शिव भक्ति के गीतों और भजनों को प्रमुखता दी। महामंडलेश्वर कंकेश्वरी नंद गिरि ने कहा कि यह आयोजन शिव भक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
गोरक्षनगरी में शिवमय होली का जश्न
गुरु गोरक्षनाथ आरती समिति ने इस आयोजन को सफल बनाने में पूरी ताकत झोंक दी। स्थानीय कलाकारों के अलावा वाराणसी से आए कलाकारों ने
शिव-पार्वती विवाह का मंचन किया, जो दर्शकों के लिए यादगार पल साबित हुआ।
बारात के दौरान पूरे राप्ती तट पर भक्ति और उत्सव का माहौल छाया रहा।
भक्तों ने नंदी पर सवार महादेव के दर्शन कर मनौतियां मांगीं और प्रसाद ग्रहण किया।
यह आयोजन गोरखपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करता है। मसान की होली हर साल
हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और इस बार भी यह परंपरा पूरी शिद्दत से निभाई गई।
गोरक्षनगरी में शिव भक्ति और होली का यह अनोखा संगम देखकर हर कोई भावुक हो उठा।
हर-हर महादेव! गोरखपुर की मसान की होली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भक्ति और
उत्सव का संगम कितना खूबसूरत हो सकता है।
