परिचय: लोहड़ी का उत्साह और रौनक
लोहड़ी उत्तर भारत का सबसे रंगीन और ऊर्जावान त्योहार है, जो सर्दी के अंत और नई फसल की शुरुआत का स्वागत करता है। Happy Lohri 2026 इस बार 14 जनवरी 2026 (बुधवार) को मनाई जाएगी। यह पौष महीने की अंतिम रात होती है, जब सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण शुरू होता है।
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र – वाराणसी, गोरखपुर, कुशीनगर, आजमगढ़, लखनऊ और प्रयागराज में भी पंजाबी, हरियाणवी और स्थानीय समुदाय इसे बड़े उत्साह से मनाते हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप, भांगड़ा की धुन और आग के चारों ओर नाच-गाना इस त्योहार की असली पहचान है।
लोहड़ी 2026 की तारीख और शुभ मुहूर्त
- तारीख: 14 जनवरी 2026 (बुधवार)
- सूर्य मकर संक्रांति: 14 जनवरी शाम लगभग 3:13 बजे (सूर्य मकर राशि में प्रवेश)
- लोहड़ी का मुख्य समय: शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक (सूर्यास्त के बाद होली जलाने का शुभ मुहूर्त)
- मकर संक्रांति: 15 जनवरी 2026 (कई जगहों पर संक्रांति के दिन भी लोहड़ी मनाई जाती है)
उत्तर प्रदेश में अधिकांश परिवार 14 जनवरी की शाम को ही लोहड़ी मनाते हैं, क्योंकि यह पौष माह की अंतिम रात होती है।
लोहड़ी का महत्व और धार्मिक मान्यता
लोहड़ी मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तर भारत के कई हिस्सों में मनाया जाता है। यह त्योहार:
- सर्दी के अंत का प्रतीक
- नई फसल (मक्का, रेवड़ी, गज्जक, तिल) की खुशी
- सूर्य देव की पूजा और उजाले की शुरुआत
- धन और समृद्धि की कामना
पौराणिक कथा के अनुसार, लोहड़ी दुल्ला भट्टी नामक योद्धा से जुड़ी है, जिन्होंने मुगल काल में लड़कियों को बचाया था। इसी खुशी में लोग आग जलाकर नाचते-गाते हैं।
उत्तर प्रदेश में लोहड़ी कैसे मनाई जाती है?
वाराणसी, गोरखपुर और लखनऊ में पंजाबी समुदाय बड़े स्तर पर लोहड़ी आयोजन करता है।
- घर के आंगन में लकड़ियों की होली जलाना
- मूंगफली, रेवड़ी, गज्जक, पॉपकॉर्न और मक्की की खिचड़ी आग में भूनकर प्रसाद के रूप में बांटना
- भांगड़ा, गिद्दा और ढोल की थाप पर नाचना
- “सुंदर मुंडरिये हो!” गाना गाना
- बच्चों को “लोहड़ी” कहकर मिठाई और पैसे बांटना
लोहड़ी की शुभकामनाएं और मैसेज
Happy Lohri 2026!
- नई फसल की खुशी, सर्दी की विदाई, लोहड़ी की हार्दिक शुभकामनाएं!
- आग की तरह जलें खुशियां, रेवड़ी-गज्जक सी मीठी रहे जिंदगी!
- ढोल बजे, भांगड़ा थिरके, लोहड़ी की रौनक छाए – Happy Lohri!
- सूरज की तरह चमके आपका जीवन, लोहड़ी की ढेर सारी बधाइयां!
निष्कर्ष
लोहड़ी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि खुशियों, एकता और नई शुरुआत का उत्सव है। 14 जनवरी 2026 को अपने परिवार और दोस्तों के साथ आग के इर्द-गिर्द बैठकर, गीत गाकर, नाचकर और मिठाइयां बांटकर इस त्योहार को यादगार बनाएं। पूर्वांचल के सभी लोगों को Happy Lohri 2026 की ढेर सारी शुभकामनाएं! आग जलाओ, सर्दी भगाओ, खुशियां मनाओ!
