महाराजगंज में बड़ी कार्रवाई
परिचय: महाराजगंज में भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई हो रही है। इसी कड़ी में महाराजगंज जिले में एक बड़ा मामला सामने आया है। कोतवाली थाना के दरोगा मोहम्मद अशरफ खान को एक मुकदमे में धारा कम करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन (ACO) की टीम ने की, जिसके प्रभारी शिव मनोहर यादव ने पूरी घटना की जानकारी दी।
शिकायतकर्ता की कहानी: सईदुल्लाह ने उठाई आवाज
कोतवाली थाना क्षेत्र के पकड़ी खुर्द गांव निवासी सईदुल्लाह ने एंटी करप्शन टीम के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ दर्ज एक मुकदमे में दरोगा मोहम्मद अशरफ खान ने धारा कम करने और केस को कमजोर करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
सईदुल्लाह ने बताया कि दरोगा ने उन्हें कई बार फोन कर दबाव बनाया और कहा कि “पैसे नहीं दिए तो धारा बढ़ा देंगे और केस को और जटिल बना देंगे।” परेशान होकर सईदुल्लाह ने एंटी करप्शन टीम से मदद मांगी। टीम ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जाल बिछाने का फैसला लिया।
रंगे हाथों पकड़ा गया दरोगा
एंटी करप्शन टीम ने सावधानीपूर्वक ऑपरेशन चलाया। टीम ने शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये के नोट दिए और निर्देश दिया कि वह तय जगह पर जाकर रकम दरोगा को सौंपे। पूरी बातचीत मोबाइल पर रिकॉर्ड की गई और टीम छिपकर निगरानी कर रही थी।
जब दरोगा मोहम्मद अशरफ खान रिश्वत की रकम लेने पहुंचा, तो टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। घटनास्थल पर मौजूद गवाहों के सामने नोटों की गिनती कराई गई और नोटों पर पहले से लगाई गई विशेष स्याही से छाप ली गई। दरोगा के पास से 50 हजार रुपये बरामद हुए, जिसके बाद उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।
एंटी करप्शन टीम प्रभारी का बयान
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी शिव मनोहर यादव ने बताया: “यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। जनता की मदद से हम ऐसे तत्वों को पकड़ रहे हैं। शिकायतकर्ता ने साहस दिखाया, जिसके कारण यह सफल ऑपरेशन संभव हुआ।”
कानूनी कार्रवाई और आगे का रास्ता
दरोगा मोहम्मद अशरफ खान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम
1988 की धारा 7 और 13(1)(d) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया,
जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है और आरोपी को निलंबित कर दिया गया है।
यूपी में बढ़ती एंटी करप्शन कार्रवाई
योगी सरकार के कार्यकाल में एंटी करप्शन टीम ने हजारों भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ा है।
महाराजगंज का यह मामला एक बार फिर साबित करता है
कि कानून के सामने कोई भी सुरक्षित नहीं है। जनता से अपील की गई है
कि वे किसी भी प्रकार की रिश्वत या भ्रष्टाचार की शिकायत बिना डर के
1064 या एंटी करप्शन हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं।
निष्कर्ष: भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता जरूरी
महाराजगंज में दरोगा को रंगे हाथों पकड़ना भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश है।
सईदुल्लाह जैसे साहसी नागरिकों की वजह से ही ऐसे तत्वों पर लगाम लग पा रही है।
सरकार की यह मुहिम जारी रहेगी और भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश का सपना जल्द साकार होगा।