नई दिल्ली। दिल्ली के चर्चित गुलशन कुमार हत्याकांड को लेकर पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय ने सनसनीखेज दावा किया है। उनके मुताबिक हत्या के दिन गुलशन कुमार के साथ उनके दोनों गनर मौजूद नहीं थे। राजेश पांडेय ने कहा कि गुलशन कुमार को उत्तर प्रदेश से दो गनर मिले थे और पहले दोनों उनके साथ मुंबई जाते थे। बाद में मुंबई जाने की अनुमति रोक दी गई थी।
हत्या के दिन गुलशन के साथ नहीं थे गनर
पूर्व IPS राजेश पांडेय के अनुसार, गुलशन कुमार की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश से दो गनर उपलब्ध कराए गए थे। शुरुआती दौर में ये गनर उनके साथ मुंबई भी जाते थे। उनका दावा है कि बाद में गनरों के मुंबई जाने की अनुमति रोक दी गई। इसी वजह से हत्या वाले दिन दोनों गनर गुलशन कुमार के साथ मौजूद नहीं थे।
गनरों की अनुमति रोकने पर उठे सवाल
राजेश पांडेय ने मेरठ जोन के तत्कालीन IG विक्रम सिंह की भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके मुताबिक गनरों को मुंबई जाने से रोकने का फैसला IG स्तर पर लिया गया था। इस दावे के बाद उस समय की सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों के फैसलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
कल्याण सिंह के कहने पर मिले थे गनर
राजेश पांडेय ने बताया कि गुलशन कुमार को दो गनर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के कहने पर उपलब्ध कराए गए थे। उनके मुताबिक दोनों गनर पहले गुलशन कुमार के साथ मुंबई जाते थे और सुरक्षा में तैनात रहते थे। बाद में मुंबई जाने की अनुमति रोक दी गई। इससे उनकी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव आया।
हत्या के दिन गनर होते तो क्या घटना रुकती?
पूर्व IPS के दावे के मुताबिक, हत्या के दिन दोनों गनर गुलशन कुमार के साथ नहीं थे। राजेश पांडेय का कहना है कि यदि उस दिन गनर उनके साथ मौजूद होते तो संभव है कि हमलावरों का सामना अलग तरीके से होता और घटना को रोका जा सकता था। इस दावे ने सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका पर फिर सवाल खड़े किए हैं।
IG विक्रम सिंह पर पूर्व IPS ने लगाए आरोप
राजेश पांडेय ने अपने बयान में तत्कालीन IG विक्रम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि गनरों की मुंबई यात्रा रोकने का निर्णय उनकी ओर से लिया गया था। हालांकि, किसी अधिकारी की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले उस समय के आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के बयान सामने आना जरूरी है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर शुरू हुई चर्चा
हत्याकांड से जुड़े इस दावे के बाद कई सवाल फिर चर्चा में हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि
सुरक्षा के लिए दिए गए दोनों गनर हत्या के दिन साथ क्यों नहीं थे। दूसरा सवाल मुंबई जाने की
अनुमति रोकने के फैसले को लेकर है। यह निर्णय कब और किन परिस्थितियों में लिया गया,
इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
गुलशन कुमार हत्याकांड का सुरक्षा पहलू
गुलशन कुमार हत्याकांड में सुरक्षा व्यवस्था का पहलू लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है।
अब पूर्व IPS राजेश पांडेय के बयान ने इस मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
उनके दावे के अनुसार, गनर साथ होते तो घटना टल सकती थी।
हालांकि, इस संभावना की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही हो सकती है।
प्रशासनिक फैसलों पर भी उठे सवाल
पूर्व IPS राजेश पांडेय ने अपने बयान में कहा कि गनरों की मौजूदगी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण थी।
उन्होंने दावा किया कि हत्या से पहले गुलशन कुमार के साथ गनर मुंबई जाते थे, लेकिन बाद में
यह व्यवस्था बदल गई। इस बदलाव को लेकर अब प्रशासनिक निर्णयों पर चर्चा तेज हो गई है।
आरोपों की पुष्टि के लिए रिकॉर्ड जरूरी
राजेश पांडेय के बयान में तत्कालीन अधिकारियों की जिम्मेदारी और सुरक्षा संबंधी
फैसलों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने IG विक्रम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि,
किसी अधिकारी की भूमिका या लापरवाही को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले
संबंधित दस्तावेज, जांच रिकॉर्ड और सभी पक्षों के बयान देखना जरूरी होगा।
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