गोरखपुर से परशुराम यादव की रिपोर्ट
गोरखपुर जनपद के बांसगांव थाना क्षेत्र की हरनहीं पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम सभा हरिहरपुर, टोला नाउपुरा निवासी सत्यम यादव, पुत्र अमरनाथ यादव, अपने गाँव और ज़िले का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रहे हैं। सत्यम यादव एक राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी एवं टीम कप्तान हैं, जिन्होंने कई बार प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व किया है। हाल ही में वह नेपाल के पोखरा शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कबड्डी टूर्नामेंट खेलने के लिए गए थे।
नेपाल से लौटते समय बैग चोरी
सूत्रों के अनुसार, सत्यम यादव 2 जनवरी 2026 को आगरा से बस द्वारा नेपाल गए थे। टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद वे अपनी टीम के साथ गोरखपुर की ओर लौट रहे थे। सुबह जब ट्रेन से गोरखपुर पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि रात में उनका ट्रॉली बैग किसी अज्ञात चोर ने चुरा लिया है। इस बैग में उनके खेल से संबंधित जरूरी दस्तावेज, मेडल्स, ट्रेनिंग किट, कपड़े, पर्सनल सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण चीजें मौजूद थीं।
घर पहुंचने पर सत्यम ने अपने पिता अमरनाथ यादव को पूरी घटना बताई। पिता ने तुरंत थाना कोल्हुई, महाराजगंज में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई। स्थानीय पुलिस ने छानबीन शुरू की, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।

नौतनवा जीआरपी की त्वरित कार्रवाई
इसी बीच नौतनवा जीआरपी (Government Railway Police) को सूत्रों से सूचना मिली कि नईकोट रेलवे स्टेशन के गेट नंबर 35 के पास एक संदिग्ध लावारिस ट्रॉली बैग पड़ा हुआ है। जीआरपी की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बैग को अपने कब्जे में लिया। बैग की जांच में पहचान पत्र और अन्य सामान से पुष्टि हुई कि यह बैग हरिहरपुर निवासी सत्यम यादव का ही है।
जीआरपी टीम ने तत्परता दिखाते हुए सत्यम यादव के पिता अमरनाथ यादव से संपर्क किया और उन्हें मौके पर बुलाकर बैग सुरक्षित रूप से सुपुर्द कर दिया। सारी सामग्री बरामद हुई और कुछ भी गायब नहीं था।
पिता अमरनाथ यादव का भावुक बयान
बैग मिलने पर पिता अमरनाथ यादव भावुक होकर बोले, “मेरा बेटा सत्यम कबड्डी के क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रहा है। नेपाल से लौटते वक्त उसका बैग चोरी हो गया था, लेकिन जीआरपी पुलिस की मेहनत और ईमानदारी से हमें यह वापस मिल गया। मैं पूरी जीआरपी टीम का हृदय से धन्यवाद करता हूं।”

स्थानीय लोगों की सराहना और सबक
स्थानीय ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने नौतनवा जीआरपी पुलिस की तत्परता और पेशेवर रवैये की जमकर सराहना की।
सूत्रों के अनुसार, चोर ने बैग में पहचान दस्तावेज देखकर संभवतः
पुलिस के डर से उसे रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया और फरार हो गया।
जीआरपी की समय पर कार्रवाई से न केवल चोरी का सामान बरामद हुआ,
बल्कि आम जनता का पुलिस पर विश्वास भी मजबूत हुआ।
यह घटना एक सबक है कि ईमानदार पुलिसकर्मी और सतर्क नागरिक मिलकर
किसी भी छोटी-बड़ी घटना का समाधान कर सकते हैं।
निष्कर्ष: सत्यम यादव — मैदान से लेकर जीवन तक प्रेरणा
सत्यम यादव न केवल कबड्डी के मैदान में, बल्कि अनुशासन,
ईमानदारी और संघर्ष से भी क्षेत्र का नाम बढ़ा रहा है।
जीआरपी नौतनवा की यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है
कि सही समय पर की गई मेहनत से किसी भी समस्या का हल संभव है।