गोरखपुर से राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर। पंडित हरि सहाय पी.जी. कॉलेज, जैती बेलघाट में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन उत्साह और प्रेरणा के साथ हुआ। इस अवसर पर युवा स्वयंसेवकों ने समाज सेवा को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का दृढ़ संकल्प लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास करना था।
शिविर में किए गए प्रमुख कार्य और जनजागरूकता अभियान
पूरे सप्ताह स्वयंसेवकों ने विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित कीं। गांवों में स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और नालियों की सफाई शामिल थी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वयंसेवकों ने ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को स्वच्छ भारत मिशन, बालिका शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। इन गतिविधियों ने न केवल गांवों को साफ-सुथरा बनाया बल्कि स्थानीय निवासियों में भी सकारात्मक बदलाव की भावना जगाई।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि का संबोधन
समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्राथमिक शिक्षक संघ बेलघाट के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को समाज से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि युवा शक्ति समाज सेवा में सक्रिय हो जाए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने शिविर के दौरान किए गए स्वच्छता अभियान, जनजागरूकता कार्यक्रमों और अन्य सामाजिक गतिविधियों की सराहना की तथा कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशिष्ट अतिथि और अन्य वक्ताओं के विचार
विशिष्ट अतिथि डॉ. रोहित चौहान ने एनएसएस को युवाओं में अनुशासन, सहयोग और सेवा भावना विकसित करने वाला बताया। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि समाज सेवा की भावना को केवल शिविर तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
मनिकापार के पूर्व प्रधान अरुण दुबे ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने में युवाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एनएसएस जैसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ ही लोगों को स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हैं।
प्राचार्य डॉ. सर्वेश दूबे का अध्यक्षीय संबोधन
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सर्वेश दूबे ने की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय
सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सेवा, सहयोग और
सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने शिविर की सफलता पर प्रकाश डालते हुए
सभी स्वयंसेवकों को उनके योगदान के लिए बधाई दी।

पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम
समारोह में सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक का पुरस्कार आकाश चौहान और सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेविका का
पुरस्कार कामिनी शुक्ला को प्रदान किया गया। स्वयंसेवकों ने देशभक्ति गीत और जागरूकता
आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसने माहौल को और उत्साहपूर्ण बनाया।
स्वयंसेवकों जैसे निखिल मिश्र, आकाश, नरगिस, महिमा और निधि ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि
इस शिविर ने उन्हें समाज की समस्याओं को समझने और समाधान के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी है।
समारोह में डॉ. सचिंद्र कुमार, डॉ. इकबाल अहमद खान, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह, रत्नाकर पांडेय, मृत्युंजय त्रिपाठी,
दिनेश शुक्ल, संतोष मिश्र और संतोष श्रीवास्तव सहित कई शिक्षक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम अधिकारी
डॉ. कौशल कुमार पाठक ने सभी का आभार व्यक्त किया और राष्ट्रगान के साथ समारोह समाप्त हुआ।
यह शिविर न केवल युवाओं के लिए सीखने का अवसर था बल्कि समाज के प्रति
उनकी जिम्मेदारी को मजबूत करने वाला भी साबित हुआ।
