गोरखपुर की गीताप्रेस ने शुरू किया फ्रेंचाइजी
विश्व प्रसिद्ध गोरखपुर की गीता प्रेस ने एक नई पहल शुरू की है। गीता प्रेस ने फ्रेंचाइजी मॉडल अपनाया है और नेपाल में पहला एक्सक्लूसिव शोरूम खोला गया है। यह शोरूम धार्मिक साहित्य को सीधे पाठकों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। 23 दिसंबर 2025 को यह जानकारी सामने आई, जिससे गीता प्रेस के लाखों पाठक उत्साहित हैं। गीता प्रेस गीता, रामायण, पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों के लिए विश्वभर में जानी जाती है। फ्रेंचाइजी मॉडल से अब इन पुस्तकों की पहुंच आसान होगी और अधिक लोग लाभान्वित होंगे। नेपाल में पहला शोरूम खुलने से दक्षिण एशिया में गीता प्रेस का विस्तार शुरू हो गया है।
यह मॉडल भारत के अन्य शहरों और विदेशों में भी लागू होगा। गीता प्रेस की पुस्तकें सस्ती और गुणवत्ता वाली होती हैं, जो धार्मिक ज्ञान फैलाने का माध्यम हैं। यह पहल गीता प्रेस की 100 साल पुरानी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगी। शोरूम में सभी प्रमुख ग्रंथ उपलब्ध होंगे। गीता प्रेस प्रबंधन ने कहा कि यह पाठकों की मांग पर लिया गया फैसला है। यह मॉडल वैश्विक स्तर पर धार्मिक साहित्य के प्रसार में मदद करेगा। इस ब्लॉग में हम गीता प्रेस फ्रेंचाइजी मॉडल की पूरी डिटेल्स, नेपाल शोरूम, लाभ, विस्तार योजना और गीता प्रेस की विरासत बताएंगे। यदि आप धार्मिक साहित्य से जुड़े हैं, तो यह अपडेट आपके लिए जरूरी है।
फ्रेंचाइजी मॉडल की शुरुआत: नेपाल में पहला शोरूम
गीता प्रेस ने नया मॉडल अपनाया। मुख्य डिटेल्स:
- फ्रेंचाइजी सिस्टम शुरू।
- नेपाल में पहला एक्सक्लूसिव शोरूम।
- धार्मिक ग्रंथों की पूरी रेंज।
- सस्ते दाम पर उपलब्ध।
- पाठकों की सुविधा।
- विस्तार की शुरुआत।
यह शोरूम नेपाल के प्रमुख शहर में खुला है।
लाभ: सीधे पाठकों तक पहुंच
नए मॉडल से कई फायदे:
- पुस्तकें आसानी से उपलब्ध।
- ऑनलाइन ऑर्डर की जरूरत कम।
- स्थानीय स्तर पर पहुंच।
- अधिक पाठक जुड़ेंगे।
- धार्मिक ज्ञान प्रसार।
- गीता प्रेस की पहुंच बढ़ेगी।
- सांस्कृतिक विरासत संरक्षण।
पाठक कहते हैं, “अब पुस्तकें घर के पास मिलेंगी।”
गीता प्रेस की विरासत: 100 साल का सफर
गीता प्रेस की महत्ता:
- 1923 में स्थापना।
- गोरखपुर से विश्व प्रसिद्ध।
- गीता, रामायण, पुराण प्रकाशन।
- सस्ती और शुद्ध पुस्तकें।
- करोड़ों प्रतियां बिकीं।
- धार्मिक ज्ञान का माध्यम।
- जयदयाल गोयंदका और हनुमान प्रसाद पोद्दार की देन।
यह संस्था सेवा भाव से चलती है।
विस्तार योजना: भारत और विदेश
फ्रेंचाइजी से आगे:
- भारत के प्रमुख शहरों में शोरूम।
- विदेश में विस्तार।
- अधिक फ्रेंचाइजी।
- ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों।
- नई पीढ़ी तक पहुंच।
- धार्मिक साहित्य प्रसार।
यह मॉडल गीता प्रेस को नई ऊंचाई देगा।
लोगों की प्रतिक्रिया: उत्साह और सराहना
प्रतिक्रिया सकारात्मक:
- पाठक खुश।
- “अब आसानी से पुस्तकें मिलेंगी।”
- धार्मिक संगठनों की तारीफ।
- नेपाल में स्वागत।
- युवा पीढ़ी में रुचि।
- विरासत संरक्षण।
लोगों ने गीता प्रेस की सराहना की।