गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सर्दी ने इस बार लोगों को खासा परेशान कर दिया है। दिसंबर 2025 के आखिर तक ठंड ने जो रफ्तार पकड़ी थी, वह नए साल की शुरुआत यानी जनवरी 2026 में और भी तेज होती दिख रही है। मौसम विभाग के ताज़ा अनुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में गोरखपुर और आसपास के जिलों — कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज और बस्ती में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। दिसंबर के आखिर में जहां तापमान औसतन 8 से 10 डिग्री था, वहीं अब यह 5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है।
मौसम विभाग का अलर्ट: गलन भरी सुबहें और घना कोहरा जारी रहेगा
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, गोरखपुर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और ठंडी हवाओं का प्रभाव लगातार बना हुआ है। इस कारण न केवल तापमान में तेज गिरावट होगी बल्कि कोहरे की घनी परतें सुबह और देर रात सड़कों पर विजिबिलिटी को बेहद कम कर देंगी। एनएच-28 और गोरखपुर-अयोध्या रूट पर पहले से ही ट्रैफिक का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आगाह किया है कि अगले एक सप्ताह तक न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि दिन में धूप बहुत कमजोर रहेगी।
जनजीवन पर असर: कामकाज और परिवहन में दिखने लगी सर्दी की काट
ठंड के चलते स्कूलों में छुट्टी बढ़ाई गई है, वहीं खुले में काम करने वाले मजदूरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेल और बस सेवाओं पर भी कोहरे का असर पड़ने लगा है। दिल्ली, लखनऊ, पटना, वाराणसी और गोरखपुर रूट की कई ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। ठंड से बचने के लिए सड़क किनारे अलाव जलाए जा रहे हैं, जबकि नगर निगम की टीमें राहत के इंतजामों में जुटी हैं।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी: बुजुर्गों और बच्चों का बढ़ा खतरा
ठंड बढ़ने के साथ ही सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और निमोनिया के मामले बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें, गर्म कपड़े पहनें और गुनगुना पानी पीएं। खासकर बुजुर्ग, छोटे बच्चे और अस्थमा के मरीजों को ठंड से बचाने के विशेष निर्देश दिए गए हैं।
कृषि पर भी असर: पाला पड़ने का खतरा
कड़ाके की ठंड और कोहरे का असर खेती-किसानी पर भी पड़ने लगा है। सब्जियों की फसलों — टमाटर, मटर, आलू और बैंगन — पर पाले का खतरा मंडरा रहा है। कृषि विभाग की सलाह है कि किसान रात के समय खेतों में सिंचाई करें, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहे और पौधों पर पाले का असर कम हो। साथ ही धुआं करने की विधि का उपयोग करने की भी सिफारिश की गई है।
जनवरी की दूसरी हफ्ते में और बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग की लांग रेंज फोरकास्ट रिपोर्ट बताती है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में ठंडी हवा और सर्द लहरें (Cold Waves) और तेज़ होंगी। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में तापमान औसत से नीचे जाने की संभावना है। इसका असर रात्रिकालीन जीवन पर तो पड़ेगा ही, दिन के समय भी धूप नाममात्र की मिलेगी।
स्थानीय प्रशासन सतर्क, राहत उपाय जारी
गोरखपुर जिला प्रशासन ने नगर निगम और राहत विभाग को अलाव जलाने और रैन बसेरों में गरम कंबल,
चाय और खाना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
नगर आयुक्त ने बताया कि शहर के प्रमुख स्थलों पर
30 से अधिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है।
वहीं रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और प्रमुख चौराहों के पास निशुल्क चाय वितरण की व्यवस्था भी की जा रही है।
लोगों की राय: ‘ऐसी ठंड वर्षों बाद’
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी ठंड कई सालों बाद महसूस हो रही है।
कुछ बुजुर्गों ने बताया कि सर्दी का यह स्तर 2019 वाली दिसंबर-जनवरी की ठंड जैसा है,
जब जिले में पारा 4 डिग्री तक गिर गया था।
लोग अलाव के चारों ओर देर रात तक जुटे रहते हैं, वहीं छोटे दुकानदार सुबह देर से दुकानें खोलते हैं।
नए साल की शुरुआत में ठिठुरन, पर राहत की आस
हालांकि सर्दी इस वक्त अपने चरम पर है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है
कि जनवरी के आखिरी हफ्ते में धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी शुरू होगी।
दोपहर के समय हल्की धूप मिलते ही मौसम में थोड़ी राहत महसूस की जाएगी