Gorakhpur News: गोरखपुर विश्वविद्यालय के दो शिक्षकों का WhatsApp हैक, परिचितों को भेजे गए पैसे मांगने वाले मैसेज

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से जुड़े दो शिक्षकों के WhatsApp अकाउंट साइबर ठगों के निशाने पर आ गए। अकाउंट का नियंत्रण हासिल करने के बाद कथित तौर पर उनके संपर्क में मौजूद लोगों को मैसेज भेजकर अलग-अलग कारणों का हवाला देते हुए रुपये मांगे गए। घटना की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षकों और उनके परिचितों के बीच चिंता बढ़ गई।

दो शिक्षकों के WhatsApp अकाउंट हुए हैक

रिपोर्ट के मुताबिक, विश्वविद्यालय के डॉ. कुशल नाथ मिश्रा और डॉ. श्वेता के WhatsApp अकाउंट हैक किए गए। इसके बाद साइबर ठगों ने उनके मोबाइल में सेव संपर्क नंबरों पर संदेश भेजे और पैसों की मांग की।

कुछ परिचितों को जब शिक्षकों के नंबर से रुपये मांगने वाले मैसेज मिले तो उन्होंने सीधे शिक्षकों से फोन पर संपर्क किया। बातचीत के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित संदेश शिक्षकों ने स्वयं नहीं भेजे थे और उनके WhatsApp अकाउंट के साथ छेड़छाड़ की गई थी।

फोन करने पर सामने आया साइबर फ्रॉड

साइबर ठगी के इस तरीके में अपराधी अक्सर किसी परिचित या भरोसेमंद व्यक्ति के नाम और नंबर का इस्तेमाल करके उसके संपर्कों से पैसे मांगते हैं। ऐसे मामलों में मैसेज देखकर जल्दबाजी में भुगतान करने पर आर्थिक नुकसान हो सकता है।

गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों के मामले में भी परिचितों ने पैसे भेजने से पहले फोन पर सत्यापन किया, जिसके बाद घटना का पता चला।

साइबर सेल में दर्ज कराई शिकायत

डॉ. कुशल नाथ मिश्रा ने बताया कि WhatsApp अकाउंट हैक होने की जानकारी मिलते ही उन्होंने साइबर सेल से संपर्क किया। साइबर सेल की सहायता से आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनका WhatsApp अकाउंट दोबारा सुरक्षित तरीके से चालू कराया जा सका।

उन्होंने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। यदि उनके नाम या नंबर से कोई व्यक्ति पैसे मांगता है तो केवल WhatsApp मैसेज के आधार पर रकम न भेजें और पहले फोन करके इसकी पुष्टि करें।

WhatsApp पर पैसे मांगने वाले मैसेज से रहें सावधान

साइबर अपराध से बचने के लिए किसी परिचित के नंबर से अचानक आने वाले आर्थिक मदद के अनुरोध को भी गंभीरता से जांचना जरूरी है। खासकर यदि मैसेज में तत्काल भुगतान करने, किसी आपात स्थिति या किसी अन्य बहाने से पैसे भेजने का दबाव बनाया जा रहा हो तो पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे बात करनी चाहिए।

इस घटना से यह भी सामने आता है कि मोबाइल में सेव संपर्कों और WhatsApp अकाउंट की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।

पाठकों के लिए जरूरी सावधानी

  • किसी परिचित के WhatsApp से पैसे मांगने वाला संदेश आए तो पहले फोन पर पुष्टि करें।
  • बिना सत्यापन के UPI या बैंक खाते में रकम ट्रांसफर न करें।
  • WhatsApp अकाउंट में उपलब्ध सुरक्षा और टू-स्टेप वेरिफिकेशन जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करें।
  • अकाउंट से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत संबंधित साइबर सहायता तंत्र से संपर्क करें।
  • अपना OTP, PIN या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

निष्कर्ष

गोरखपुर विश्वविद्यालय के दो शिक्षकों के WhatsApp अकाउंट हैक कर

उनके परिचितों से रुपये मांगने की घटना साइबर सुरक्षा को लेकर एक अहम चेतावनी है।

इस मामले में परिचितों द्वारा पहले फोन से पुष्टि किए जाने के कारण संभावित आर्थिक

नुकसान से बचाव हुआ। इसलिए किसी भी भरोसेमंद संपर्क के नाम से आए पैसे मांगने वाले

संदेश पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी है।

FAQ

Q1. गोरखपुर विश्वविद्यालय के किन शिक्षकों का WhatsApp हैक हुआ?
रिपोर्ट के अनुसार डॉ. कुशल नाथ मिश्रा और डॉ. श्वेता के WhatsApp अकाउंट हैक किए गए।

Q2. हैक किए गए अकाउंट से क्या किया गया?
शिक्षकों के संपर्क में मौजूद लोगों को मैसेज भेजकर अलग-अलग वजहों से रुपये मांगे गए।

Q3. WhatsApp हैक होने का पता कैसे चला?
कुछ परिचितों ने शिक्षकों को फोन करके पैसे मांगने वाले संदेशों के बारे में जानकारी दी,

जिसके बाद अकाउंट हैक होने की बात सामने आई।

Q4. क्या साइबर सेल में शिकायत की गई?
हां। डॉ. कुशल नाथ मिश्रा के अनुसार उन्होंने तत्काल साइबर सेल से शिकायत की और

सहायता से अपना WhatsApp अकाउंट दोबारा सुरक्षित रूप से शुरू कराया।

Q5. अगर परिचित के नंबर से पैसे मांगने का मैसेज आए तो क्या करें?
पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति को सीधे फोन करके पुष्टि करें।

केवल WhatsApp संदेश के आधार पर भुगतान न करें।

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