गोरखपुर में रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह
घटना का पूरा विवरण
5 जनवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे गोरखपुर के रजही मौर्या टोला में रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह के घर पर चार बदमाश बाइक से पहुंचे। बदमाशों के हाथ में पिस्टल थी। उन्होंने पूरे परिवार को बंधक बना लिया और विरोध करने पर बालेंद्र सिंह के सिर पर पिस्टल के बट से जोरदार वार किया। इसके बाद बदमाशों ने घर में तलाशी ली और करीब 80 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर तथा 4 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूत्रों और फॉरेंसिक टीम की मदद से क्लू जुटाए।
पुलिस जांच और बड़ा खुलासा
गोरखपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच और एसओजी टीम ने लगातार छापेमारी की। जांच में पता चला कि इस डकैती का मास्टरमाइंड जेल में बंद टिंकू उर्फ छोटू और उसकी साथी डायना थे। दोनों ने जेल से ही साजिश रची थी। टिंकू ने अपने पुराने साथियों को फोन और मैसेज के जरिए पूरी प्लानिंग बताई।
- गिरफ्तार तीन आरोपी:
- टिंकू उर्फ छोटू (मास्टरमाइंड, जेल में बंद)
- डायना (सह-मास्टरमाइंड, जेल में बंद)
- घटनास्थल पर मौजूद मुख्य बदमाश (नाम गोपनीय, हालिया गिरफ्तारी)
पुलिस ने बताया कि टिंकू को पहले से ही कई डकैती और लूट के मामलों में सजा हो चुकी है। वह जेल से बाहर आने के बाद फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय होना चाहता था। डायना ने बाहर के साथियों से संपर्क बनाकर पूरी साजिश को अंजाम दिया।
लूट का माल और रिकवरी
पुलिस ने अब तक लगभग 45 लाख रुपये के जेवर और कुछ नकद बरामद किया है। बाकी सामान की तलाश जारी है। घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट, बाइक के नंबर प्लेट और सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस को बड़ा सुराग दिया।
परिवार की स्थिति और सामाजिक प्रभाव
रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह का परिवार इस घटना से सदमे में है। सिर पर चोट लगने से उनका इलाज चल रहा है।
पूरे इलाके में इस डकैती ने दहशत फैला दी है।
लोग अब घरों में सुरक्षा बढ़ाने और रात में सतर्क रहने की बात कर रहे हैं।
पुलिस का बयान
एसएसपी गोरखपुर ने कहा, “यह एक सुनियोजित डकैती थी, जो जेल से ही प्लान की गई।
हमने मास्टरमाइंड समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
बाकी दो फरार बदमाशों की तलाश जारी है। जल्द ही पूरी गैंग का पर्दाफाश होगा।”
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अपराधी जेल में भी सक्रिय रह सकते हैं।
गोरखपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है। परिवारों को सतर्क रहने और
पुलिस को हर संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की जरूरत है।