गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना: नाबालिग किशोरी का अपहरण और दुष्कर्म
गोरखपुर के गोरखनाथ थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ हुए अपहरण, दुष्कर्म और मानव तस्करी के मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़िता को स्पा सेंटर से सुरक्षित बरामद किया है। यह मामला न केवल एक अपराध है, बल्कि गरीबी, जागरूकता की कमी और छिपे हुए वेश्यावृत्ति नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
घटना की पूरी पृष्ठभूमि
पीड़िता एक गरीब मजदूर परिवार की बेटी है। कुछ दिन पहले वह बाजार जाने के बहाने घर से निकली और लापता हो गई। परिजनों ने तुरंत गोरखनाथ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि किशोरी को उसके परिचितों ने ही लालच देकर घर से भगाया था। आरोपियों ने उसे एक सुनसान जगह पर बंधक बनाकर बार-बार दुष्कर्म किया। इसके बाद मासूम बच्ची को कम पैसे में एक स्पा सेंटर में बेच दिया गया, जहां उसे वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया जा रहा था।
पुलिस की छापेमारी और गिरफ्तारी
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने स्पा सेंटर पर छापा मारा और किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाला। पूछताछ में तीनों आरोपी टूट गए और पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपियों में रामू (काल्पनिक नाम), राजू और छोटे शामिल हैं, जो गोरखपुर के स्थानीय निवासी हैं। एसएसपी डॉ. विनीत जायसवाल ने बताया कि मामला POCSO एक्ट, अपहरण (धारा 363, 366), बलात्कार (धारा 376) और मानव तस्करी की धाराओं में दर्ज किया गया है। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। स्पा सेंटर का मालिक फरार है, जिसकी तलाश जारी है। सेंटर से कई संदिग्ध सामग्री भी बरामद हुई है।
परिवार का दर्द और सामाजिक चुनौतियां
पीड़िता के पिता ने बताया, “बेटी घर से बाजार जाने कहकर निकली थी। तीन दिन बाद पता चला कि वह गायब है। हम गरीब हैं, इसलिए पहले चुप रहे, लेकिन पुलिस की मदद से न्याय मिल रहा है।” किशोरी को जिला अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा रही है। यह मामला उत्तर प्रदेश में नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को उजागर करता है। एनसीआरबी 2025 के आंकड़ों के अनुसार यूपी में POCSO मामलों में 20% की वृद्धि हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गरीबी, शिक्षा की कमी और स्पा सेंटरों के नाम पर छिपे वेश्यालय ऐसे अपराधों को बढ़ावा दे रहे हैं। गोरखपुर जैसे शहरों में ऐसे संदिग्ध सेंटरों की संख्या बढ़ रही है, जिस पर प्रशासन की सख्त निगरानी की जरूरत है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
गोरखनाथ थाना प्रभारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की
सूचना से आरोपियों का पता लगाया गया। पुलिस अब पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।
जिला प्रशासन ने सभी स्पा सेंटरों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
सोशल मीडिया पर यह घटना वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश है।
कई संगठन और महिला अधिकार कार्यकर्ता न्याय की मांग कर रहे हैं।
समाज को जागरूक होने की जरूरत
यह सनसनीखेज मामला हमें याद दिलाता है कि नाबालिगों की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
परिवारों को बच्चों पर नजर रखनी होगी,
पुलिस को संदिग्ध स्थानों पर सतर्क रहना होगा और समाज को ऐसी घटनाओं के खिलाफ एकजुट होना होगा।
पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिले और दोषियों को कड़ी सजा मिले