Oplus_131072
गोरखपुर से जारी एक प्रेस नोट ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। समाजवादी पार्टी के सुल्तानपुर सांसद रामभुवाल निषाद के खिलाफ लंबित गिरफ्तारी वारंटों पर BSP नेता दारा सिंह निषाद ने तीखा हमला बोला है। प्रेस नोट में दारा सिंह निषाद ने आरोप लगाया है कि एमपी-एमएलए कोर्ट और सेशन कोर्ट द्वारा 31 अक्टूबर 2025 से अब तक 16 बार गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद गोरखपुर की ब बारहलगंज पुलिस रामभुवाल निषाद को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है।
प्रेस नोट में मुख्य आरोप
दारा सिंह निषाद ने प्रेस नोट में लिखा है कि:
- सुल्तानपुर के सांसद रामभुवाल निषाद के खिलाफ 2 दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
- कोर्ट द्वारा बार-बार गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी बदहलगंज थाना पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही।
- यह संविधान और न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है।
- अगर सपा संविधान की रक्षा की बात करती है, तो अपराधी सांसद को पार्टी में रखना संविधान का अपमान है।
प्रेस नोट में दारा सिंह ने अखिलेश यादव से सीधे सवाल किया है कि “आप संविधान की रक्षा की बात करते हैं, लेकिन आपके पार्टी के सांसद संविधान और न्यायालय की अवमानना कर रहे हैं। फिर भी पार्टी में बने हुए हैं। यह कैसा संदेश देता है?”
दारा सिंह निषाद की अपील
दारा सिंह निषाद ने प्रेस नोट के माध्यम से:
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे गोरखपुर प्रशासन को निर्देश दें ताकि बदहलगंज थाना रामभुवाल निषाद को गिरफ्तार कर जेल भेजे।
- मीडिया से निवेदन किया है कि इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया जाए।
- कहा है कि अपराधी सांसद को पार्टी में रखना समाजवादी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
रामभुवाल निषाद सुल्तानपुर से सपा सांसद हैं और पूर्व में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें ज्यादातर मामलों में कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। दारा सिंह निषाद, जो बहुजन समाज पार्टी से जुड़े हैं। यह प्रेस नोट उनके द्वारा जारी पहला प्रमुख सार्वजनिक हमला माना जा रहा है।
सोशल मीडिया और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

प्रेस नोट की कॉपी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कुछ लोग इसे “सपा के घरेलू विवाद” बता रहे हैं, तो कुछ इसे “योगी सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश” मान रहे हैं। सपा प्रवक्ताओं ने अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी के स्थानीय नेताओं ने इसे “व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का खेल” करार दिया है।
क्या होगा आगे?
यह प्रकरण अब गोरखपुर प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
अगर पुलिस कार्रवाई करती है तो सपा पर दबाव बढ़ेगा।
अगर कार्रवाई नहीं होती तो न्यायालय की अवमानना का मामला और गंभीर हो सकता है।
दारा सिंह निषाद ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वे इस मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे।
यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए विवाद का सूत्रपात करती दिख रही है,
जहां पार्टी के अंदरूनी असंतोष अब खुले तौर पर सामने आ रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से आवेदन करता हूँ कि अगर आप तक हमारी बात मीडिया द्वारा पहुँच रही है तो कृपया अपने पुलिस प्रशासन को निर्देश दें कि सुलतानपुर के समाजवादी पार्टी के सांसद रामभुवाल निषाद को गिरफ्तार करके जेल भेजने का आदेश दें ताकि निष्पक्ष तरीके से न्याय हो सके।
साथ ही गौरखपुर प्रशासन से अनुरोध है कि थाना-बड़हलगंज के थाना प्रभारी को निर्देश करें कि सुलतानपुर के समाजवादी पार्टी के सांसद रामभुवाल निषाद को गिरफ्तार कर जेल भेजने का कार्य करें, ताकि माननीय न्यायालय के आदेश का सम्मान हो सके।
अतः आप सभी सम्मानित पत्रकार बंधुओं से मेरा निवेदन है कि उक्त प्रकरण को अपने सम्मानित समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व सोशल मीडिया में प्रकाशित करने / चलाने की कृपा करें।
