उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक बार फिर धर्म परिवर्तन के गंभीर मामले ने सुर्खियां बटोरी हैं। पुलिस ने धन, रोजगार और अन्य प्रलोभनों के जरिए गरीब परिवारों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए लालच देने के आरोप में पादरी समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गोरखपुर पुलिस की सतर्कता और स्थानीय संगठनों की शिकायत पर हुई, जिसमें गरीबों को नौकरी, आर्थिक मदद और बेहतर जीवन का झांसा देकर धर्म बदलवाने की कोशिश की जा रही थी। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पूरी घटना का विवरण
पुलिस को सूचना मिली कि गोरखपुर के कुछ इलाकों में पादरी और उनके साथी गरीब हिंदू परिवारों को निशाना बना रहे थे। वे प्रार्थना सभाओं और घरेलू मुलाकातों के बहाने लोगों से संपर्क करते थे। आरोपियों का तरीका था – गरीबी, बेरोजगारी और बीमारी जैसी समस्याओं का फायदा उठाकर कहना कि ईसाई धर्म अपनाने पर रोजगार, पैसे, मुफ्त इलाज और बच्चों की पढ़ाई जैसी सुविधाएं मिलेंगी। कई परिवारों को 20-25 हजार रुपये तक का लालच दिया गया था।
स्थानीय निवासियों और विश्व हिंदू परिषद (VHP), बजरंग दल जैसे संगठनों ने जब यह गतिविधियां देखीं तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में पाया गया कि आरोपी गुप्त रूप से काम कर रहे थे और विदेशी फंडिंग या संगठित नेटवर्क का भी संदेह है। पुलिस ने छापेमारी कर पादरी सहित 6 लोगों को दबोचा। उनके पास से बाइबिल, धर्म परिवर्तन संबंधी साहित्य, नोट्स और मोबाइल में चैट्स जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी और पुलिस कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक प्रमुख पादरी शामिल है, जो पिछले कुछ समय से गोरखपुर में सक्रिय था। अन्य आरोपी उनके सहयोगी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम 2021 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि कितने परिवार प्रभावित हुए, कितने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया और फंडिंग का स्रोत क्या है। गोरखपुर में ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार गिरफ्तारी की संख्या और तरीका काफी गंभीर माना जा रहा है।
समाज में बढ़ती चिंता और कानूनी पहलू
यह घटना धर्म परिवर्तन के नाम पर गरीबों का शोषण करने वाले गिरोहों के खिलाफ एक बड़ा कदम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गरीबी और अशिक्षा का फायदा उठाकर प्रलोभन देना गैरकानूनी है
और यह सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करता है।
उत्तर प्रदेश सरकार के एंटी-कन्वर्जन लॉ ने ऐसे मामलों पर लगाम लगाई है,
जिसमें जबरन या लालच देकर धर्म बदलवाने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
स्थानीय लोग और संगठन अब सतर्क हो गए हैं। अभिभावकों से अपील की जा रही है
कि किसी भी प्रलोभन में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें। पुलिस ने लोगों से कहा है
कि अगर कोई ऐसी सभा या मुलाकात में लालच दे तो फौरन रिपोर्ट करें।
यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि धर्म परिवर्तन व्यक्तिगत विश्वास का विषय है,
लेकिन लालच या जबरदस्ती से नहीं होना चाहिए। उम्मीद है
कि जांच से पूरा नेटवर्क सामने आएगा और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।
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मेटा डिस्क्रिप्शन: गोरखपुर में पादरी समेत 6 गिरफ्तार, धन-रोजगार के लालच से
गरीब परिवारों का धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास, पुलिस ने किया खुलासा,
पूरी घटना और जांच की जानकारी, Gorakhpur Religious Conversion News 2026