उउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 जनवरी 2026 को गोरखपुर में कई विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इसमें सबसे महत्वपूर्ण था निर्माणाधीन गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन मार्ग का जायजा। सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे तय समयसीमा में पूरा किया जाए। यह फोरलेन गोरखपुर शहर की यातायात व्यवस्था को क्रांतिकारी बदलाव देगा और पूर्वांचल के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
फोरलेन प्रोजेक्ट का विवरण
गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन 19.485 किलोमीटर लंबा है और इसकी अनुमानित लागत 942.44 करोड़ रुपये है। यह परियोजना लोक निर्माण विभाग (Construction Division-III) द्वारा संचालित है। मुख्य उद्देश्य गोरखपुर से पिपराइच तक यात्रा को सुगम, तेज और सुरक्षित बनाना है। फोरलेन से शहर के भीतर ट्रैफिक जाम कम होगा, व्यापार बढ़ेगा और आसपास के इलाकों का कनेक्टिविटी मजबूत होगा।
निरीक्षण के दौरान सीएम योगी विकास भारती स्कूल मोड़ के पास पहुंचे। उन्होंने सड़क का लेआउट, ड्राइंग मैप और कार्य प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने गोधिया नाला पर पुराने पुल को ध्वस्त करने और पानी की लेवलिंग की जांच करवाने के निर्देश दिए ताकि जलजमाव की समस्या न आए।
समयसीमा और निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट डेडलाइन तय की – परियोजना को 31 अगस्त 2026 तक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा, “निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। कार्य में तेजी लाएं और समय पर जनता को समर्पित करें।” सीएम ने फोरलेन के साथ चल रहे जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड का भी अवलोकन किया और इसे सितंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने खजांची चौराहा फ्लाईओवर (लागत 96.50 करोड़ रुपये) का भी जायजा लिया, जहां 99% कार्य पूरा हो चुका है। सीएम ने इसे जल्द से जल्द जनता के लिए खोलने को कहा।
अन्य विकास कार्यों का जिक्र
निरीक्षण के दौरान सीएम योगी ने राप्तीनगर में सीएम ग्रिड योजना के तहत बनी स्मार्ट सड़क का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि यह सड़क उन्नत यूटिलिटी डक्ट, स्टॉर्म वॉटर मैनेजमेंट और हरियाली से लैस है।
यह न केवल यातायात सुगम बनाएगी, बल्कि नगर निगम को सालाना 2 करोड़ रुपये की स्थाई आय देगी।
सीएम ने इसे अन्य शहरों के लिए मॉडल बताया।
गोरखपुर के विकास में योगदान
गोरखपुर में योगी सरकार के कार्यकाल में फोरलेन, सिक्सलेन, फ्लाईओवर और रिंग रोड जैसी परियोजनाएं तेजी से चल रही हैं।
गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन से शहर जाम-मुक्त बनेगा और पूर्वांचल के अन्य जिलों से जुड़ाव मजबूत होगा।
सीएम योगी की पैनी नजर और समयबद्ध निर्देशों से इन प्रोजेक्ट्स में तेजी आई है।
विकास की नई गति
सीएम योगी का यह निरीक्षण गोरखपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
गुणवत्ता और समयसीमा पर फोकस से यह फोरलेन जल्द ही जनता को समर्पित होगा। गोरखपुरवासी अब बेहतर सड़कें,
कम ट्रैफिक और तेज विकास की उम्मीद कर सकते हैं।
योगी सरकार की यह कोशिश गोरखपुर को पूर्वांचल का हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।