ओवरब्रिज हादसा
गोरखपुर जिले के मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर होली की रात हुए भीषण सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। बेकाबू फॉर्च्यूनर की टक्कर से गंभीर रूप से घायल डॉक्टर के भाई उमेश शर्मा (50) की गुरुवार देर रात एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले इसी हादसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के छात्र आकाश पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई थी। यह हादसा होली के उत्सव के बीच शहर में दुख का माहौल पैदा कर गया है और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
हादसे का पूरा विवरण: होली की रात बेकाबू फॉर्च्यूनर ने मचाई तबाही
होली की रात मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने कई वाहनों को टक्कर मार दी। फॉर्च्यूनर में सवार लोग होली मनाकर लौट रहे थे। अचानक अनियंत्रित होकर कार ने सामने आ रहे दो वाहनों को टक्कर मारी। इस टक्कर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई। आकाश एक होनहार छात्र थे और परिवार का सहारा थे।
दूसरी तरफ डॉक्टर के भाई उमेश शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत गोरखपुर एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में रखा। लेकिन गुरुवार देर रात उनकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान मौत हो गई। उमेश शर्मा एक सम्मानित परिवार से थे और उनके भाई डॉक्टर हैं। हादसे में फॉर्च्यूनर में सवार अन्य लोग भी घायल हुए, लेकिन उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस जांच: ओवर स्पीडिंग और लापरवाही मुख्य कारण
गोरखपुर पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में फॉर्च्यूनर की ओवर स्पीडिंग और ड्राइवर की लापरवाही सामने आई है। होली के दौरान नशे में ड्राइविंग या थकान के कारण ऐसे हादसे बढ़ जाते हैं। पुलिस ने फॉर्च्यूनर जब्त कर ली है और ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो मौत के सटीक कारण बताएगी। हादसे के बाद ओवरब्रिज पर ट्रैफिक जाम लग गया था और पुलिस ने राहत कार्य में जुटकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
गोरखपुर में होली पर बढ़ते सड़क हादसे: सुरक्षा की चेतावनी
होली के दौरान गोरखपुर में सड़क हादसों की संख्या बढ़ जाती है। ओवर स्पीडिंग,
नशे में ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी मुख्य वजहें हैं।
इस हादसे ने एक होनहार मेडिकल छात्र और एक परिवार के सदस्य की जान ले ली।
शहरवासी इसे बड़ी त्रासदी मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि
त्योहारों में ड्राइविंग से पहले आराम करना, सीट बेल्ट लगाना और स्पीड
लिमिट का पालन जरूरी है। पुलिस ने होली सीजन में चेकिंग बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
परिवारों का दर्द: दो जिंदगियां छीन लीं
आकाश पांडेय का परिवार सदमे में है। वह मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनना चाहते थे।
उमेश शर्मा के परिवार ने भी गहरा सदमा महसूस किया है।
दोनों परिवारों को न्याय की उम्मीद है। स्थानीय लोग कहते हैं कि ओवरब्रिज पर स्पीड ब्रेकर,
लाइटिंग और कैमरा लगाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।
यह हादसा हमें याद दिलाता है कि जिंदगी कितनी नाजुक है। होली का उत्सव खुशी का त्योहार है,
लेकिन लापरवाही से दुखदायी बन जाता है। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना।
पुलिस से अपील है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
