गोरखपुर गीडा थाना क्षेत्र
गोरखपुर: गीडा थाना क्षेत्र के नौसड़ निवासी 18 वर्षीय अभिषेक सिंह की सात फरवरी को मिली लाश के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआत में रंजिश बताई जा रही हत्या असल में अवैध संबंध के शक में की गई थी। पुलिस पूछताछ में हिरासत में लिए गए आरोपियों ने कबूल किया कि मुख्य आरोपी नौसड़ चौराहे पर ठेला लगाता था और अभिषेक से उसकी पुरानी दोस्ती थी। दोनों के बीच घर पर आना-जाना था। ठेला लगाने वाले युवक को शक था कि अभिषेक उसकी पत्नी से बातचीत करता है। इसी शक के चलते उसने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
हत्या की पूरी वारदात और पुलिस जांच
पुलिस के अनुसार, अभिषेक सिंह को पार्टी के बहाने घर से बुलाया गया। पड़ोस में रहने वाले दोस्त ने दो अन्य युवकों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पहले आरोपियों ने अभिषेक को शराब पिलाई, जिसके बाद उस पर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अभिषेक के शरीर पर कुल 35 गंभीर वार पाए गए, जो हत्या की क्रूरता को दर्शाते हैं। वारदात के बाद आरोपियों ने अभिषेक का मोबाइल फोन लेकर मौके से भाग निकले थे।

गीडा पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। मुख्य आरोपी (ठेला लगाने वाला युवक) अभी फरार है और उसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। जांच के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिए गए कुछ नामजद युवकों को क्लीनचिट दे दी है, क्योंकि उनकी संलिप्तता साबित नहीं हुई। पुलिस ने घटनास्थल से खून के धब्बे, हथियारों के टुकड़े और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। फॉरेंसिक टीम ने भी जांच में हिस्सा लिया है।
परिवार और इलाके में सनसनी
पेवनपुर गांव के निवासी अभिषेक सिंह की लाश सात फरवरी को मिली थी।
परिवार ने शुरुआत में इसे रंजिश का मामला बताया था, लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई सामने आई।
अभिषेक के परिजनों ने आरोपी पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इलाके में इस घटना से सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोग अवैध संबंधों के
शक में होने वाली ऐसी हिंसा पर चिंता जता रहे हैं।
सोशल मीडिया पर #GorakhpurMurder और #AbhishekSinghCase ट्रेंड कर रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
एसपी गोरखपुर ने बताया कि मुख्य आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। हिरासत में लिए गए
आरोपियों से पूछताछ में मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने मामले में IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना) और
अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि
क्या आरोपी ने पहले से योजना बनाई थी या यह अचानक गुस्से में हुई घटना थी।
यह मामला गोरखपुर में बढ़ते आपराधिक मामलों की ओर इशारा करता है, जहां छोटे-छोटे शक और
रिश्ते हिंसा का रूप ले लेते हैं। पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज इस मामले पर आगे के अपडेट्स देता रहेगा।
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