गोरखपुर में कृषक एक्सप्रेस
गोरखपुर में फिर ट्रेन पर पत्थरबाजी: कृषक एक्सप्रेस में यात्री घायल
गोरखपुर जिले में रेल यात्रा के दौरान पत्थरबाजी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई है। रविवार रात लखनऊ जा रही कृषक एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15007) के जनरल कोच पर पत्थरबाजी की सनसनीखेज घटना सामने आई। इस हमले में बस्ती जिले का एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। पत्थर सीधे उसके जबड़े पर लगा, जिससे उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना रविवार रात करीब 11:30 से 11:45 बजे के बीच डोमिनगढ़ और जगतबेला रेलवे स्टेशन के बीच हुई। यात्री पंकज प्रजापति, जो गनेशपुर गांव (वाल्टरगंज थाना क्षेत्र, बस्ती) के निवासी हैं, देवरिया के बेलथरा स्टेशन से रात 7:45 बजे अपने एक साथी के साथ ट्रेन में सवार हुए थे। वे बस्ती जा रहे थे। अचानक कुछ अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर पत्थर फेंके, जिसमें जनरल कोच में बैठे पंकज के जबड़े पर गंभीर चोट आई।
घायल यात्री का इलाज और पुलिस कार्रवाई
आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल यात्री को बस्ती जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पंकज की हालत गंभीर है और डॉक्टरों ने जबड़े की चोट पर इलाज शुरू किया है। आरपीएफ ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच उप निरीक्षक अयूब खान को सौंपी गई है। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक दशरथ प्रसाद ने बताया कि पत्थरबाजी करने वालों की तलाश जारी है और जल्द कार्रवाई की जाएगी।
लगातार घटनाएं: शुक्रवार को भी अमरनाथ एक्सप्रेस पर हमला
यह पहली घटना नहीं है। इसी क्षेत्र में शुक्रवार शाम को बस्ती रेलवे स्टेशन के आगे टिनिच रेलवे स्टेशन के पास जम्मूतवी-अमरनाथ एक्सप्रेस पर भी पत्थरबाजी हुई थी। उसमें भी एक यात्री घायल हुआ था। दो दिनों में दो अलग-अलग ट्रेनों पर ऐसी घटनाएं होने से यात्री बेहद डरे हुए हैं। रेल यात्रा अब जोखिम भरी लग रही है, खासकर रात के समय जनरल कोच में सफर करने वालों के लिए।
यात्रियों में बढ़ती दहशत और सवाल
यात्रियों का कहना है कि लगातार हो रही पत्थरबाजी से ट्रेनों में अफरा-तफरी मच जाती है। कई बार शीशे टूटने से चोटें आती हैं,
लेकिन इस बार जबड़े में पत्थर लगने से स्थिति गंभीर हो गई।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि रेलवे ट्रैक के
आसपास के इलाकों में निगरानी क्यों नहीं बढ़ाई जा रही? ब्लैक स्पॉट्स पर पुलिस की मौजूदगी क्यों कम है? रेलवे अधिकारियों को सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
आरपीएफ और जीआरपी को ऐसे स्पॉट्स पर पैट्रोलिंग बढ़ानी चाहिए। पत्थरबाजी एक गंभीर अपराध है,
जो जानलेवा साबित हो सकता है। रेल मंत्रालय और
स्थानीय प्रशासन से अपील है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
यह घटना एक बार फिर रेल यात्रा की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।
उम्मीद है कि पुलिस जल्द दोषियों को पकड़ेगी और
ऐसी वारदातों को रोकेगी। यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।