मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी
छात्रों की शिकायतों का समाधान
देशभर के विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में छात्रावास मेस की भोजन गुणवत्ता को लेकर अक्सर विवाद और शिकायतें सामने आती रहती हैं। छात्रों और उनके अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि क्या उनके बच्चे को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन मिल पा रहा है या नहीं। गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में भी पिछले कुछ वर्षों में मेस की गुणवत्ता को लेकर छात्रों की नाराजगी देखी गई थी। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए MMMUT प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने 3.57 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मॉड्यूलर किचन स्थापित करने का फैसला लिया है, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन मिल सकेगा।
प्रस्ताव और मंजूरी की पूरी प्रक्रिया
MMMUT प्रशासन ने पिछले वर्ष (2025) में छात्रों की शिकायतों और मेस की पुरानी व्यवस्था को देखते हुए मॉड्यूलर किचन स्थापित करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्रस्ताव में किचन को पूरी तरह आधुनिक बनाने, स्वच्छता मानकों को अपनाने और भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्रस्ताव को वित्त समिति (Finance Committee) के सामने रखा गया, जहां गहन चर्चा के बाद इसे मंजूरी मिली। इसके बाद प्रबंध बोर्ड (Board of Governors) ने भी 3.57 करोड़ रुपये के खर्च को हरी झंडी दे दी।
यह राशि विश्वविद्यालय के बजट से आवंटित की गई है। मॉड्यूलर किचन में स्टेनलेस स्टील की मॉड्यूलर यूनिट्स, ऑटोमेटेड कुकिंग सिस्टम, हाइजीनिक स्टोरेज, वेंटिलेशन और वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम शामिल होंगे। इससे खाना बनाने की प्रक्रिया तेज, स्वच्छ और पौष्टिक होगी।
मॉड्यूलर किचन से क्या लाभ होंगे?
- स्वच्छता और हाइजीन: पुरानी किचन में चूल्हे-भट्टियां और मैनुअल साफ-सफाई की समस्या रहती थी। मॉड्यूलर किचन में सब कुछ स्टेनलेस स्टील और आसानी से साफ होने वाला होगा।
- गुणवत्ता भोजन: बेहतर उपकरणों से पौष्टिक भोजन तैयार होगा, जिसमें पोषण मानकों का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
- समय की बचत: ऑटोमेटेड सिस्टम से भोजन जल्दी और एकसमान बनेगा, जिससे छात्रों को समय पर गर्म भोजन मिलेगा।
- छात्रों की संतुष्टि: मेस की पुरानी शिकायतें खत्म होंगी, छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और पढ़ाई पर फोकस रहेगा।
- लंबे समय का फायदा: मॉड्यूलर किचन टिकाऊ और कम मेंटेनेंस वाला होता है, जिससे भविष्य में खर्च कम होगा।
छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
MMMUT के छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है। एक छात्र ने कहा, “मेस में अक्सर भोजन ठंडा या कम मात्रा में मिलता था, अब उम्मीद है कि सब कुछ बेहतर होगा।” अभिभावक भी खुश हैं क्योंकि उनके बच्चे दूर रहकर पढ़ रहे हैं और अच्छे भोजन की चिंता रहती थी। विश्वविद्यालय के छात्र संघ ने भी प्रशासन को धन्यवाद दिया है।
निर्माण और समयसीमा
प्रशासन ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और निर्माण कार्य 6-8 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।
किचन पूरी तरह चालू होने के बाद छात्रों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
फिलहाल पुरानी व्यवस्था में सुधार के लिए अतिरिक्त निगरानी बढ़ाई गई है।
छात्र कल्याण में बड़ा कदम
MMMUT गोरखपुर ने छात्रों की सबसे बुनियादी जरूरत—गुणवत्तापूर्ण भोजन—को प्राथमिकता देकर
एक सराहनीय कदम उठाया है। 3.57 करोड़ रुपये का यह निवेश न केवल मेस की समस्या हल करेगा,
बल्कि विश्वविद्यालय की छवि को भी मजबूत बनाएगा। उम्मीद है कि अन्य संस्थान भी छात्रों की शिकायतों पर
ऐसे ही संवेदनशीलता दिखाएंगे। गोरखपुर के छात्रों के लिए यह अच्छी खबर है—
अब मेस से जुड़ी चिंताएं कम होंगी और पढ़ाई पर ज्यादा फोकस रहेगा।