गोरखपुर न्यूज़: अमृत 2.0
गोरखपुर शहर तेजी से विकास की राह पर दौड़ रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अमृत 2.0 (AMRUT 2.0) के तहत गोरखपुर नगर निगम ने विस्तारित क्षेत्रों के लिए एक बड़ी महायोजना (Master Plan) तैयार करना शुरू कर दिया है। यह योजना शहर के बाहरी इलाकों को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने, जल निकासी, सड़क, पेयजल, सीवरेज और हरित क्षेत्रों को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
अमृत 2.0 योजना क्या है?
अमृत मिशन की दूसरी चरण की यह योजना साल 2021 में शुरू हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश के सभी शहरों में पानी की आपूर्ति 24×7 करना, सीवेज ट्रीटमेंट को 100% तक पहुँचाना और शहरों को जल-सुरक्षित (Water Secure) बनाना है। गोरखपुर को अमृत 2.0 में चयनित शहरों में शामिल किया गया है और अब इसके तहत विस्तारित क्षेत्रों (नगर निगम में नए जुड़े ग्राम सभाओं और बाहरी इलाकों) के लिए अलग से मास्टर प्लान तैयार हो रहा है।
गोरखपुर में क्या-क्या होगा?
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगी के निर्देश पर यह काम तेजी से शुरू हो चुका है। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- विस्तारित क्षेत्रों का सर्वे: नए जुड़े 42 वार्डों सहित कुल क्षेत्र का ड्रोन सर्वे और GIS मैपिंग।
- पेयजल और सीवरेज प्रणाली: हर घर नल कनेक्शन और अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम।
- स्मार्ट रोड और स्ट्रीट लाइट: चौड़ी सड़कें, फुटपाथ और सोलर लाइटिंग।
- पार्क और ग्रीन बेल्ट: पर्यावरण संरक्षण के लिए हर मोहल्ले में पार्क और वृक्षारोपण।
- वर्षा जल संचयन: रिचार्ज पिट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य।
- स्मार्ट सिटी से कनेक्टिविटी: गोरखपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के साथ तालमेल।
समय सीमा और बजट
अधिकारियों के अनुसार महायोजना का ड्राफ्ट 3-4 महीने में तैयार हो जाएगा। इसके बाद सार्वजनिक आपत्ति-स्वीकृति के लिए रखा जाएगा और अंतिम स्वीकृति के बाद कार्य शुरू होंगे। अमृत 2.0 के तहत गोरखपुर को अब तक 800 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएँ स्वीकृत हो चुकी हैं, जिसमें विस्तारित क्षेत्र के लिए अलग से सैकड़ों करोड़ का प्रावधान होगा।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
जंगल कौड़िया, तारामंडल, बशारतपुर, मानबेला, राप्तीनगर जैसे नए इलाकों के निवासियों में खुशी की लहर है। सालों से जलभराव, गंदे नाले और टूटी सड़कों से परेशान लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी बस्तियाँ भी मुख्य शहर जैसी सुविधाएँ पाएंगी।
निष्कर्ष
अमृत 2.0 के तहत तैयार होने वाली यह महायोजना न सिर्फ गोरखपुर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाएगी, बल्कि इसे
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में शुमार करने में मदद करेगी।
गोरखनाथ की नगरी अब “विकसित गोरखपुर” की ओर तेजी से बढ़ रही है।
जल्द ही शहरवासियों को एक नया, सुंदर और सुविधा-संपन्न गोरखपुर देखने को मिलेगा।